इलाहाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडेय की तैनाती के बाद एक बार फिर 25आईएएस और चार पीसीएस अफसरों का तबादला किया है. शासन ने मुख्य सचिव के बाद सबसे अहम पद कृषि उत्पाद आयुक्त के तौर पर 1985 बैच के सीनियर आईएएस प्रभात कुमार को नियुक्त किया है.
उन्हें शासन में कृषि उत्पादन आयुक्त के साथ अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा की भी जिम्मेदारी दी गई है.
प्रभात कुमार के पास यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष का मौजूदा प्रभार भी बनाए रखा गया है. मेरठ के मंडलायुक्त के रूप में प्रभात ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा अभियान चलाया. भ्रष्टाचार के कई घोटाले उजागर हुए. कई अधिकारी और कर्मचारी जेल भेजे गए.
अक्षम कर्मियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने की शुरुआत प्रभात ने ही मेरठ में शुरू की, जिसे बाद में प्रदेश भर में अभियान चलाकर लागू किया गया. प्रभात वर्तमान में हिंडन नदी के पुनरुद्धार का बड़ा अभियान चला रहे थे. बेसिक शिक्षा में बड़े घपले-घोटालों के खुलासे के बीच प्रभात की तैनाती बहुत अहम मानी जा रही है.
इनके भी हुए तबादले
समाज कल्याण आयुक्त चंद्र प्रकाश को अध्यक्ष राज्य सतर्कता आयोग प्रशानाधिकरण-1 का भी प्रभार दिया गया है. अपर मुख्य सचिव राजस्व विभाग चंचल कुमार तिवारी को महा निदेशक दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्रामीण विकास संस्थान बनाया गया है. संजीव सरन को अध्यक्ष यूपी राज्य सड़क परिवहन निगम बनाया गया है.
दीपक त्रिवेदी को अपर मुख्य सचिव नियोजन एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन का प्रभार दिया गया है. मुकुल सिंघल को अपर मुख्य सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग, कल्पना अवस्थी को प्रमुख सचिव आबकारी विभाग के अलावा प्रमुख सचिव वन एवं पर्यावरण विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है. रेणुका कुमार को अपर मुख्य सचिव महिला कल्याण तथा वन एवं पर्यावरण विभाग के साथ अपर मुख्य सचिव राजस्व, भूतत्व एवं खनिकर्म का प्रभार भी दिया गया है. मुरादाबाद के आयुक्त राजेश कुमार सिंह को प्रमुख सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास एवं प्रमुख सचिव रेशम हथकरघा, वस्त्रोद्योग एवं एमडी यूपी एसआईडीसी कानपुर बनाया गया है.
इनके अलावा अलोक सिन्हा, अनीता सी मेश्राम, मोनिका एस गर्ग, अनिल राज कुमार एसवीएस रंगाराव, शरद कुमार सिंह, जगत राज, अलका टंडन भटनागर, मो शफकत कमाल, गौरव दयाल, मनोज सिंह, आराधना शुक्ल, जितेंद्र कुमार, अनीता सिंह, रणवीर प्रसाद, प्रमोद कुमार, उमेश प्रताप सिंह, चंद्र पाल, शिशिर और अजय कुमार सिंह को भी नई जिम्मेदारी सौंपी गई है. नए तबादलों में अफसरों की कमी का असर साफ दिखा है. इसी कारण से तमाम अफसरों को दोहरी-तिहरी जिम्मेदारी देनी पड़ी है