इस वर्ष भी नहीं निकलेगा हज़रत इमाम हुसैन के चेहलुम का जुलूस

(अनुराग शुक्ला ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। कल दरियाबाद और रानीमण्डी से 28 सितम्बर मंगलवार को हज़रत इमाम हुसैन के चेहलुम पर जुलूस नहीं निकाला जायगा।इसलामिक माह 20 सफर यौमे अरबईन पर रानीमण्डी इमामबारगाह नवाब आज़म हुसैन खाँ से चेहलुम इमाम हसैन व अन्य 71 शहीदों की याद मे कोविड गाईड लाईन पर अमल करते हुए जुलूस नहीं निकालने का फैसला चेहलुम जुलूस इन्तेज़ामिया कमेटी के मो०शुजा हैदर ,मो०जलाल हैदर ,मो०कमाल हैदर ने लेते हुए सभी रुसूमात इमामबाड़े के अन्दर ही करने का फैसला लिया। रानीमण्डी इमामबारगाह नवाब आज़म हुसैन के अन्दर ही अलम झूला ताबूत ,तुरबत अमारी ज़ुलजनाह व चौथे इमाम ज़ैनुल आबेदीन के बिस्तर को फूलों से सजा कर ज़ियारत कराई जायगी।मौलाना जव्वाद हैदर रिज़वी की क़यादत मे दिन मे 12 बजे बाजमात नमाज़ अदा की जायगी 1 बजे मौलाना सैय्यद रज़ी हैदर साहब क़िबला मजलिस ए अरबईन को खिताब करेंगे तत्पश्चात अन्जुमन शब्बीरिया अन्जुमन हुसैनिया क़दीम व अन्जुमन अब्बासिया द्वारा नौहा और मातम का सिलसिला शुरु होगा।उसी इमामबाड़े मे तेज़ धार की छूरीयों से लैस ज़न्जीरों का मातम भी अन्जुमन करेगी।इमामबाड़ा आबिदया रानी मण्डी मे अन्जुमन आबिदया की ओर से मजलिस होगी और वहीं पर नौहा व मातम होगा।बच्चा जी धरमशाले के सामने मीर हुसैनी के इमामबाड़े मे अन्जुमन हैदरिया रानीमण्डी द्वारा नौहा और मातम के साथ ज़न्जीरों का मातम दिन मे 3 बजे होगा।दरियाबाद स्थित इमामबाड़ा सलवात अली खाँ मे मजलिस ए अरबईन को कोलकता के मौलाना सै0मेहर अब्बास खिताब करेंगे।अन्जुमन हाशिमया व अन्जुमन नक़विया रजिस्टर्रड के नौहाख्वान नौहा और मातम करेंगे।इमामबाड़ा सलवात अली खाँ के मुतावल्ली ताहिर मलिक के अनुसार सभी तबर्रुक़ात की ज़ियारत इमामबाड़े के अन्दर ही कराई जायगी।कोविड गाईड लाईन पर शत प्रतिशत अमल करते हुए ही इमामबाड़े मे लोगों का प्रवेश कराया जायगा।

*शबे चेहलुम पर निकाला गया दुलदुल-अन्जमनों ने पढ़े नौहे*

दरियाबाद रानी मण्डी बख्शी बाज़ार करैली सहित अन्य मुस्लिम बहुल्य इलाक़ो मे मजलिस व मातम का सिलसिला जारी रहा।रानी मण्डी में नवाब नन्हे की कोठी पर मजलिस का आयोजन किया गया। जुलूस न निकालते हुए इमामबाड़े के अन्दर ही मजलिस हुई अन्जुमन मज़लूमिया,अब्बासिया व ग़ुन्चा ए क़ासिमया के नौहाख्वानो ने सिलसिलेवार नौहा व मातम किया। वहीं दरियाबाद मे इमामबाड़ा सलवात अली खाँ मे मजलिस को मौलाना मेहर अब्बास ने खिताब किया तो अन्जुमन हाशिमया के नौहाख्वान सफदर अब्बास डेज़ी ,अरशी , अब्बास व अन्य नौहाख्वानो ने ग़मगीन नौहा पढ़ा।मजलिस मे इमाम हुसैन के वफादार घोड़े की शबीह (ज़ुलजनाह) को सूती चादर से ढ़ंक कर गुलाब व चमेली के फूलों से सजा कर ज़ियारत को निकाला गया।मजलिस में ताहिर मलिक ,शौज़ब ,नजीब इलाबादी औन ज़ैदी ,जौन ज़ैदी ,ज़ामिन हसन सै०मो०अस्करी मशहद अली खाँ यासिर सिबतैन ,ज़ौरेज़ हैदर फैज़याब हैदर सहित सैकड़ो अक़ीदतमन्दों ने शिरकत की।

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