रोस्टर प्रकरण की विभागीय जांच शुरू, जांच अधिकारी ने शिकायतकर्ता के बयान दर्ज किए

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। उत्तर मध्य रेलवे तीनों मंडलों मैं हुए रोस्टर प्रकरण विभागीय जांच शुरू हो गई। जांच अधिकारी ने शिकायतकर्ता के बयान दर्ज किए।

विजिलेंस टीम ने तीनों मंडलों के रिकॉर्ड खंगाले

वही विजिलेंस की टीम ने तीनों मंडलों के रोस्टर सहित अन्य रिकॉर्ड को खंगाल रही है। जांच टीम रोस्टर लाबी सहित निजी धन पंजिका को क्रॉस चेक रही हैं। विजिलेंस और विभागीय जांच से टीटी संवर्ग के कर्मियों में हड़कंप मचा हुआ है। टीटी संवर्ग के कर्मियों कहना है की रोस्टर प्रकरण में नीचे से ऊपर तक अफसरों की मिलीभगत है। करीबियों को बचाने के लिए उच्च अधिकारी जांच अधिकारी पर लगातार दबाव बना रहे हैं। जानकारी के मुताबिक 3 माह पहले हुए रोस्टर प्रकरण में उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज झांसी एवं आगरा मंडल में टीटी संवर्ग के सैकड़ों कर्मी फर्जी हस्ताक्षर के जरिए घर बैठे वेतन लेने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया था। प्रधानमंत्री कार्यालय एवं रेल मंत्री शिकायत करने के बाद कई कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई हुई। झांसी आगरा प्रयागराज सहित अन्य स्टेशनों पर भी रोस्टर का फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। वरिष्ठ अफसरों के दबाव में इस मामले को दबाने का प्रयास किया गया। जांच में टीटी समर के कई कर्मचारी एक ही ट्रेन में ड्यूटी करने का आरोप लगा था। जांच के बाद सीआईडी प्रशासन एवं रोस्टर के खिलाफ विभागीय जांच बिठा दी गई। शिकायत मैं जो भी आरोप लगाए गए थे जांच के दौरान वह सही पाए गए। मंडल स्तर पर विगत दिनों जांच अधिकारी ने शिकायतकर्ता के बयान दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वही विजिलेंस की टीम आगरा झांसी एवं प्रयागराज में रोस्टर निजी धन पंजिका लावी सहित एक ही ट्रेनों पर लगातार चलने के मामले की जांच कर रहा है। मंडल से लेकर मुख्यालय तक कई अफसरों और कर्मचारियों के गठजोड़ ने रोस्टर सहित अन्य मामलों में भ्रष्टाचार तेजी के साथ फैल रहा है। इसके अलावा टीटी संवर्ग के कुछ कर्मचारियों को छेड़छाड़ गाली गलौज के आरोप में निलंबित किया गया है। मंडल स्तर पर हुई जांच में टीटी संवर्ग के कई कर्मियों ने रिश्वत देने की बात को स्वीकार किया है। साप्ताहिक अवकाश के दिन काम करना और अन्य दिनों में सीएल को दर्शाया गया है। जांच में दोषी पाए जाने के बाद भी कार्रवाई ना होने से महकमे में कई तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं। शिकायतकर्ता ने दोषी पाए गए टीटी संवर्ग के कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

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