दूसरों के नाम से सिम एक्टिवेट कर अपराधियों को बेचने वाला गिरोह का भंडाफोड़

काल सेंटर चल रहा था फर्जी सिम से

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। आर्मी इंटेलीजेंस टीम, एसओजी नारकोटिक्स और करेली थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने वोडाफोन कम्पनी के फर्जी सिम बेचने व कॉल सेन्टर चलाने के आरोप में 5 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब 1000 एक्टिवेटेड सिम बरामद किए। गिरोह के सदस्य भोले भाले लोगों के दस्तावेज किसी बहाने से हासिल कर वोडाफ़ोन कंपनी के सिम एक्टिवेट करते थे। इन सिम को वे अपराधियों को विभिन्न वेबसाइटों के माध्यम से उंचे दाम पर ऑनलाइन बेचते थे। इस तरह से ख़रीदे गए सिम से अपराध करने के बाद पुलिस को जांच के दौरान आरोपियों को पकड़ने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।पूछताछ करने पर आरोपियों ने बताया की बेचे गए सिम बैंक आदी में फ्रॉड कर दूसरों के खाते से पैसे निकालने और गंभीर अपराधों में इस्तेमाल किया जाता था। आरोपियों ने बताया की वोडाफ़ोन के एक्टिवेटेड सिम बैराहना स्थित एक काल सेंटर में काफी मात्रा में बेचे गए हैं। टीम ने फर्जी सिम से काल सेंटर चलाने के आरोप में सेंटर मालिक को भी गिरफ़्तार किया। जबकी वहां काम करने वाली लड़कियों से पूछताछ जारी है। सेंटर मालिक ने बताया की उसकी दो कम्पनियां हैं। उसने वोडाफ़ोन के फ़र्ज़ी सिम लेकर काल सेंटर शुरू किया। वहां लोगों को नौकरी जा झांसा देकर उनसे रजिस्ट्रेशन के नाम पर पैसा ऐंठा जाता है।आरोपियों की पहचान श्रीराम चौरसिया, कृष्णा कुमार, विकास केशरवानी, अब्दुल ख़ालिद, ज़िशान अहमद। सब अभियुक्त प्रयागरज के ही रहने वाले हैं।

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