
यह डिवाइस ग्राम उजाला योजना के तहत किए गए थे वितरित
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। कौशांबी पुलिस डिवाइस को लेकर माथापच्ची और छानबीन में जुटी थी इसी बीच दिल्ली से कन्वर्जेंस एनर्जी सर्विसेस लिमिटेड (सीईएसएल) की ओर से विज्ञप्ति जारी कर कहा गया कि यह डिवाइस ग्राम उजाला योजना के तहत वितरित किए गए हैं। इस कंपनी ने ग्राम उजाला योजना के तहत सात और 12 वाट के एलईडी बल्ब 10 रुपये की दर से दिए जाते हैं। यूपी और बिहार में इस योजना से 30 लाख बल्ब वितरित किए गए। विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस परियोजना से वितरित बल्ब का कितने उपभोक्ता इस्तेमाल कर रहे हैं, यह जानने के लिए रैंडमली रूप से कुछ घरों में यह डिवाइस जिसे डेटा मीटर कहा जाता है, लगाया जा रहा है। डेटा मीटर द्वारा कैप्चर बल्ब यूज करने के घंटे की संख्या का उपयोग पुराने बल्ब के स्थान पर एलईडी बल्ब के उपयोग से उत्पन्न कार्बन क्रेडिट की संख्या की गणना के लिए किया जाता है। डेटा मीटर उपभोक्ताओं के घरों में उनकी सहमति से 90 दिन के लिए लगाया जाता है। यह केंद्रीय सर्वर को वायरलेस रूप में मोबाइल नेटवर्क से सूचना भेजा जाता है इसिलए डेटा मीटर में सिमकार्ड लगाया गया है। यूपी में अधिकृत एजेंसी द्वारा तीन अक्तूबर से डेटा मीटर घरों में लगाने का काम शुरू किया गया है। सीईएसएल का दावा है कि यह पूरी तरह कानूनी रूप से किया जा रहा काम है। ऐसे में डेटा मीटर को लेकर किसी तरह की अफवाह के चक्कर में लोगों को नहीं आना चाहिए। इस बारे में उच्च स्तर पर पुलिस प्रशासन को भी अवगत करा दिया गया है।