मोस्ट वॉन्टेड माफिया मुन्ना बजरंगी की हत्या, यूपी के जेल में मारी गोली

इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश मोस्ट वॉन्टेड माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की सोमवार को यूपी के बागपत जेल में गोली मारकर हत्या कर दी गई है. सोमवार को उसकी पूर्व बसपा विधायक लोकेश दीक्षित से रंगदारी मांगने के आरोप में बागपत कोर्ट में पेशी होनी थी. उसे रविवार को झांसी से बागपत लाया गया था. पेशी से पहले ही जेल में उसे गोली मार दी गई. 7 लाख का इनामी बदमाश रह चुका सुपारी किलर मुन्ना बजरंगी की जेल में हत्या से हड़कंप मचा है. पुलिस जांच में जुटी है.

मुन्ना बजरंगी का असली नाम प्रेम प्रकाश सिंह है. बजरंगी की पत्नी सीमा सिंह ने लखनऊ में 10 दिन पहले ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उसकी हत्या की आशंका जताई थी. सीमा ने कहा था कि झांसी जेल में बंद माफिया मुन्ना बजरंगी का एनकाउंटर करने की साजिश हो रही है. उसका आरोप था कि एसटीएफ में तैनात एक अधिकारी के इशारे पर ऐसा हो रहा है. इस अफसर के कहने पर ही जेल में बजरंगी को खाने में जहर देने की कोशिश तक की गई.

इसके अलावा उन्होंने ढाई साल पहले विकासनगर में पुष्पजीत सिंह और गोमतीनगर में हुए तारिक हत्याकांड में शामिल शूटरों को सत्ता व पुलिस अधिकारियों का संरक्षण मिलने का आरोप भी मढ़ा था. सीमा सिंह ने मुन्ना बजरंगी को जेल से शिफ्ट करने की गुहार भी लगाई थी.
मुन्ना बजरंगी पर 40 हत्याओ, लूट, रंगदारी की घटनाओं में शामिल होने का केस दर्ज है. मुन्ना बजरंगी पूरे यूपी की पुलिस और एसटीएफ के लिए सिरदर्द बना हुआ था. वह लखनऊ, कानपुर और मुंबई में क्राइम करता था. सरकारी ठेकेदारों से रंगदारी और हफ्ता वसूलना का भी आरोप था.

बीजेपी नेता के हत्या में था आरोपी

समय में 7 लाख रुपये का इनामी बदमाश रहे मुन्ना बजरंगी ने 29 नवंबर 2005 को बीजेपी नेता कृष्णानंद राय की हत्या कर दी थी. राय की हत्या के जुर्म में मुख्तार अंसारी भी जेल में बंद है. मुन्ना ने सरेआम कृष्णानंद  को लखनऊ हाईवे पर मारा था. कृष्णानंद की 2 गाड़ियों पर AK-47 से फायरिंग की गई थी. मुन्ना राजनीति में भी आना चाहता था और इसके लिए उसने दो प्रमुख दलों से टिकट हासिल करने की कोशिश की लेकिन वह इसमें ज्यादा सफल नहीं हो सका.

जेल से नौंवी की शिक्षा

गाजीपुर के भाजपा विधायक कृष्णानंद राय हत्याकांड के आरोपी प्रेम प्रकाश उर्फ मुन्ना बजरंगी 10 अप्रैल 2013 को उसे गाजीपुर से सुलतानपुर की जिला जेल में शिफ्ट किया गया था. साल 2015 में साल उसने यहीं पर रहते हुए कक्षा नौ पास किया था और हाईस्कूल परीक्षा में शामिल होने के लिए आवेदन किया था.

रामपुर के ब्लॉक प्रमुख को मारने का आरोप

कैलाश दूबे जौनपुर के रामपुर ब्लॉक के प्रमुख थे.  24 जनवरी 1996 को उन्हें दिनदहाड़े एके 47 से भून दिया गया. इस घटना में दूबे के साथ मौजूद दो और लोग भी मारे गए थे. सामूहिक हत्याकांड का इल्जाम लगा मुन्ना बजरंगी पर था. पुलिस के मुताबिक ब्लॉक प्रमुख कैलाश दूबे की लोकप्रियता बढ़ती देख उनकी हत्या भाड़े पर कराई गई थी.

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