
आनंद गिरी द्वारा पॉलीग्राफ टेस्ट मना करने पर कोर्ट ने मामले को खारिज किया
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। आज महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध मौत के मामले में सीबीआई को सीजेएम कोर्ट से बड़ा झटका मिला । इस पूरे मामले में न्यायिक हिरासत में भेजे गए तीनों आरोपियों के पॉलीग्राफ़ी़ टेस्ट की मंजूरी के लिए दाखिल सीबीआई की अर्जी को खारिज कर दिया गया ।सीजीएम कोर्ट ने सुनवाई के बाद सीबीआई की अर्जी खारिज कर दी । कोर्ट ने पहले नैनी जेल में बंद आनंद गिरी से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पूछा की क्या आप पॉलीग्राफिक टेस्ट के लिए तैयार है। इस पर आनंद गिरी द्वारा पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए मना करने पर कोर्ट ने भी मामले को खारिज किया। इस पूरे मामले में तीनों आरोपियों आनन्द गिरि, आद्या प्रसाद तिवारी और संदीप तिवारी ने नहीं दी सहमति और पालीग्राफ टेस्ट कराने से तीनों आरोपियों ने किया था । इंकार करते हुए कहा था कि सीबीआई रिमांड पर लेकर जो कुछ भी पूछताछ करना था कर चुकी है।और अब पूछताछ के लिए कुछ भी बाकी नहीं रह गया है । कोर्ट में सुनवाई के दौरान आनन्द गिरि के वकील सुधीर श्रीवास्तव और विजय द्विवेदी ने भी पालीग्राफ टेस्ट कराने का विरोध करते हुए कहा की सीबीआई ने पॉलीग्राफिक टेस्ट में पूछे जाने वाले सवालों का विवरण नहीं दिया है। इसके अलावा जिनका पॉलीग्राफ़ टेस्ट होना है । उन्होंने भी पॉलीग्राफ टेस्ट कराने से मना कर दिया है । यह पूरी तरीके से मानव अधिकार के नियमों का उल्लंघन है। इसके अलावा सीबीआई को यह मालूम नहीं है कि सुप्रीम कोर्ट ने भी पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए किसी को बाध्य नहीं कर सकती। ऐसा आदेश दे चुकी है। सीबीआई ने 12 अक्टूबर को पालीग्राफ टेस्ट कराने की अनुमति के लिए अर्जी दाखिल की थी । सभी अभियुक्तों और न्यायिक हिरासत में बंद तीनों अभियुक्तों से राय करने के बाद सीजेएम हरेन्द्र नाथ की कोर्ट ने सुनाया फैसला।