गरीबों की हजारों बीघा जमीन को जोत बो रहे है दबंग
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। गरीबों के आर्थिक विकास के लिए सन 1989-80 के दौरान समाज कल्याण विभाग ने बड़े बड़े कास्तकारों से गरीबों के आर्थिक विकास के लिये राज्यपाल के नाम पर प्रयागराज के बारा, करछना, मेजा, मांडा, कोरांव, फूलपुर व सोरांव में हजारों बीघे जमीनें क्रय की थी। पूर्वांचल दलित अधिकार मंच (पदम) के संस्थापक उच्च न्यायालय के अधिवक्ता रामबृज गौतम ने सूचना के अधिकार तहत क्रय की गई जमीनों की कुछ सूची प्राप्त की। विकास खण्ड जसरा और शंकरगढ़ की स्थिति यह थी कि भूमिहीन दलित आदिवासियों को क्रय की गई भूमि आवण्टितकर दी गयी परन्तु मौके पर जमीन पर कब्जा नहीं हो पाया था। 2012 से 2017 तक पदम द्वारा किये गए दर्जनों आंदोलनों और धरना प्रदर्शनों के बाद जसरा ब्लाक की कूड़ी गौहनी ग्रामसभा में 7 बीघा जमीन 12 दलित आदिवासियों में तथा शंकरगढ़ की जूही ग्रामसभा में 32 बीघा जमीन 42 दलित आदिवासियों में आवंटित की गई। शंकरगढ़ की ग्रामसभा सोनबरसा और सीध टिकट में सैकड़ो बीघा जमीन आवंटित की गई है मगर वहां के किसी भी दलित आदिवासियों को आजतक नहीं पता चल सका कि उन्हें जमीन कहां आवंटित की गई है।बता दे कि जिस कास्तकार ने जमीन समाज कल्याण विभाग ने भी इस दौरान को विक्रय की आज भी विक्रय के वावजूद उक्त जमीन पर विक्रेता ही समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों की मिलीभगत से एककाबिज और दाखिल है।
सुनने में आया है कि पूर्वांचल विकास बोर्ड के सदस्य अशोक कुमार चौधरी ने मुख्यमंत्री के सामने उक्त मामले को रखा है। संभवतः राजस्व परिषद की ओर से जांच का आदेश कर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।