चंद्रमा को अघ्र्य देकर चलनी से देख पति की मांगी लंबी आयु

रोहिणी नक्षत्र का संयोग होने से व्रती महिलाओं में उत्साह अधिक रहा

( अनुराग शुक्ला ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। आज सुहागिन महिलाओं ने कार्तिक कृष्णपक्ष की चतुर्थी तिथि पर रविवार को निर्जला व्रत रखा। पति को चिरायु, पुत्र, पौत्र के साथ निश्चल लक्ष्मी (अधिक समय साथ रहने वाली) की प्राप्ति की कामना पूर्ति को यम-नियम से पूजन किया। व्रती महिलाएं भोर से सुविधा के अनुसार संगम, गंगा व यमुना घाट पहुंचने लगीं। सूर्योदय के बाद स्नानार्थियों की संख्या हजारों में पहुंच गई। स्नान-दान के साथ घाट पर पूजन करके करवा चौथ का व्रत निर्विघ्न पूर्ण होने व अखंड सौभाग्य की कामना पूर्ति की प्रार्थना की। घर आकर दिनभर भजन-कीर्तन में लीन रहीं। दोपहर बाद परिवार के सदस्यों के साथ पकवान बनाने व पूजन की। करवा चौथ पर अबकी त्रिग्रहीय योग, रोहिणी नक्षत्र का संयोग होने से व्रती महिलाओं में उत्साह अधिक रहा। सुहागिनें शाम को मेहंदी रचे हाथों में लाल चूड़ी, मांग में सिंदूर, लाल साड़ी, आभूषण धारण करके सोलह श्रृंगार करके मां गौरी, भगवान शंकर, गणेश व कार्तिकेय का पूजन किया। पुष्प, फल, अक्षत, मिष्ठान, रोली अर्पित करके करवा चौथ की कथा कही व सुनी। करवा चौथ पर मां ललिता देवी, अलोपशंकरी, सावित्री मां मंदिर सहित घरों में महिलाओं ने सामूहिक कथा का पाठ किया। पूजा पूर्ण होने पर चंद्रमा को अघ्र्य देकर चलनी से देखा फिर उसी से पति को देखकर आशीर्वाद लिया। सास को एक लोटा, वस्त्र व विशेष करवा देकर चरण स्पर्श किया। घर के बड़ों का चरण स्पर्श करके आशीर्वाद प्राप्त किया। लेकिन कई महिलाओं के पति दूसरे शहर में थे। उन्होंने वीडियो काल करके पति का चेहरा देखकर पूजन करके जल ग्र्रहण किया।


करवा चौथ पर्व पर पूजा की तैयारी करती महिलाएं।( छाया विनय मिश्रा )

करवा चौथ पर्व पर कथा का श्रवण करती महिलाएं । (छाया विनय मिश्रा )

करवा चौथ महापर्व पर चलने में चांद का दीदार करती महिला ।( छाया विनय मिश्रा )

करवा चौथ महापर्व पर मोबाइल से सेल्फी लेती महिलाएं । ( छाया विनय मिश्रा )


करवा चौथ महापर्व पर वीडियो कॉलिंग के माध्यम से पति का दीदार करती महिला । ( छाया विनय मिश्रा )


करवा चौथ महापर्व पर भगवान भोलेनाथ का पूजन करती महिलाएं । ( छाया विनय मिश्रा )

करवा चौथ का पाठ सुनाते पंडित श्रवण करती महिलाएं । ( छाया विनय मिश्रा )

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