
२४ किलो का निर्वाण लड्डू का लगा भोग
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। नगर के विभिन्न जैन मंदिरो में जैन अनुनायियो ने 4 नवंबर दिन गुरुवार को सत्य अहिंसा के आदिवतीय प्रेरक जैन धर्म के चौबीसवें तीर्थंकर भगवान महावीर का निर्वाण महोत्सव श्रद्धा एवं भक्तिभाव से मनाया। इस क्रम मे जीरो रोड स्थित जैन मंदिर, बेनीगंज, कर्नलगंज, नैनी एवं तीर्थंकर ऋषभदेव तपस्थली ( अंदावा) में भगवान की अभिषेक शांतिधारा के पश्चात निर्वाण लड्डू चढ़ाया गया। जीरो रोड स्थित लाला जानकी प्रसाद मंदिर में पंडित सुनील जैन के निर्देशन में प्रथम शांतिधारा मनोज जैन, भगवान की आरती श्रीमती संतोष जैन सपरिवार तथा २४ किलो का निर्वाण लड्डू श्रीमती शकुंतला जैन सपरिवार द्वारा अर्पित किया गया। इस अवसर पर मंदिरो को रंगोली एवं विशेष रोशनी द्वारा सजाया गया। पंडित सुनील जैन ने श्रद्धालुओ को बताया की भगवान का जन्म कुंडलपुर मे एवं निर्वाण पावापुर से हुआ था। भगवान महावीर ने अहिंसा, तप, संयम, पांच महाव्रत का संदेश दिया। उन्होंने जैन धर्म के अनुयायियों के लिए अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह को जीवन के लिए अनिवार्य बताया। भगवान महावीर ने इस अवधि में तप, संयम और साम्य भाव की साधना की और पंच महाव्रत रूपी धर्म चलाया। जैन महिला मंडल की बाला जैन ने बताया कि जैन मान्यतानुसार ध्वनि करने वाले पटाखों से जीव भयभीत हो जाते है और बहुत से मर भी जाते है। यह जीव प्रेमियों के लिए दुख और निराशा की बात है। हमें जीवों पर दया करनी चाहिए। हमें अच्छे नागरिक होने का दायित्व निभाना चाहिए।