भगवान सूर्य को अर्घ्य दें कर मांगी लम्बी आयु

संगम नोज पर कीचड़, व्रती महिलाओं के लिए मुश्किल

(अनुराग शुक्ला ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। बुधवार काे व्रती महिलाएं छठ मईया की पूजा अर्चना के लिए प्रयागराज के संगम तट पर पहुंचेंगी। यहां मां गंगा यमुना में डुबकी लगाएंगी और शाम को भगवान सूर्य को अर्घ्य देंगी। इसके लिए दिन भर व्रती महिलाएं तैयारियों में जुटी रहीं। गुरुवार को सुबह भगवान सूर्य के उदय होने पर यह व्रती महिलाएं फिर अर्घ्य देंगी और पर्व का समापन करेंगी।

*आस्था ऐसी कि हर छठ पर बिहार से आते हैं संगम*

छठ पर्व पर सिर्फ प्रयागराज ही नहीं बल्कि विभिन्न राज्यों से व्रती महिलाएं परिवार के साथ संगम पर आती हैं। यहां संगम में डुबकी लगाती हैं और छठ मइया की पूजा विधि विधान से करती हैं। बिहार के सासाराम से संगम पर छठ पूजा करने आईं पुष्पा देवी बताती हैं कि वह पिछले कई वर्षों से छठ पर्व पर संगम जरूर आती हैं। कहती हैं बिहार में तो बड़े पैमाने पर छठ मइया की पूजा होती है लेकिन संगम में हमारा विश्वास ज्यादा है इसलिए परिवार के अन्य सदस्यों के साथ यहां आ जाती हूं। इसी तरह बिहार से ही आईं काजल, ज्योति कुमारी, माधवी देवी भी पिछले कई सालों से प्रयागराज में संगम पर आती हैं।

*संगम नोज पर कीचड़, व्रती महिलाओं के लिए मुश्किल*

संगम नोज से लेकर वीआइपी घाट कीचड़ से सना हुआ है। बुधवार को बड़ी संख्या में जब व्रती महिलाएं यहां स्नान के लिए पहुंचेंगी तो उन्हें इससे परेशानियों का भी सामना करना पड़ेगा। वीआइपी घाट के आसपास की स्थिति ज्यादा खराब है। घाट के आसपास समतलीकरण तो करा दिया गया है लेकिन कीचड़ जस का तस बना हुआ है।

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