
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। उत्तर मध्य रेलवे के रोस्टर ड्यूटी में भारी गोलमाल की जांच पर सवाल उठने अभी बंद नहीं हुए। इसी बीच प्रयागराज डिवीजन के प्रयागराज जंक्शन पर सीआईटी रोस्टर का काम देख रहे अशोक तिवारी को शुक्रवार हटा दिया गया। सीनियर डीसीएम के आदेश पर यह फेरबदल किया गया है। चर्चा है कि हटाए गए सीआईटी रोस्टर पिछले इंचार्जों की तरह टिकट चेकिंग स्टॉफ की ट्रेन ड्यूटी लगाने में सख्ती बरत रहे थे। मनमानी होने वाला आवंटन नहीं हो रहा था।
रेलवे के सूत्र बताते हैं कि अशोक तिवारी को सीआईटी रोस्टर की जिम्मेदारी करीब छह महीने पहले ही मिली थी। इस दौरान ट्रेन ड्यूटी में मनमानी की प्रक्रिया बंद थी। इसके कारण उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय से लेकर प्रयागराज डिवीजन के कामर्शियल विभाग के अफसरों के कई पसंदीदा टिकट चेकिंग स्टॉफ की कमाई बंद हो गई। ट्रेन ड्यूटी में मनमानी आवंटन भी चेकिंग स्टॉफ की अवैध कमाई का अहम स्रोत है। इस कमाई के हिस्से की बंदरबांट तमाम लोगों तक पहुंचती रही है, पूर्व की जांचों के दौरान इसका खुलासा हो चुका है। रेलवे सूत्रों का दावा है कि पुराने रोस्टर आवंटन, ट्रेन ड्यूटी आदि में हुई गड़बड़ियों की कामर्शियल स्तर से हुई जांच में भी तमाम खामियां हैं। इस जांच में कई कर्मचारियों को बचाने की कोशिश की गई है। खुद जांच अधिकारी ही संदेह के घेरे में रहे हैं। फिलहाल, पुराने मामले की लिखापढ़ी रेलवे बोर्ड स्तर तक पहुंच चुकी है।