दुनिया में जहां से शुभ मिले उसे आचरण में उतार लो- मुरारी बापू

प्रयागराज के राम घाट पर हुई मुरारी बापू की राम दिव्य कथा

( अनुराग शुक्ला ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। नौ दिवसीय अयोध्या धाम परिक्रमा रामकथा के क्रम में पांचवे दिन कथावाचक मोरारी बापू की कथा बुधवार को त्रिवेणी मार्ग संगम पर शुरू हुई। कथा दोपहर 1:30 बजे तक चली। कथा सुनने के लिए पांच हजार से अधिक श्रद्धालु देश-विदेश से आए हैं। इससे पहले बापू की कथा लगभग 21 महीने पहले अरैल में हुई थी। लेकिन इस बार माघ मेला शुरू होने के सवा महीने पहले संगम की रेती धार्मिक चेतना से गुलजार हो गई। बापू ठीक दस बजे व्यास पीठ पर विराजमान हुए। सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ और संगीतमय स्तुति के साथ कथा शुरू हुई। बापू ने तीर्थ राज प्रयागराज की समस्त चेतनाओं को प्रणाम किया। कहा कि आप यहां से गंगा जल लेकर तो जाओगे लेकिन संगम से अमृत कथा भी लेकर जाइएगा। कहा कि कुछ जिज्ञासा है उसे पहले कह दूं। कथा किससे सुनी जाए। दुनिया में जहां से शुभ मिले उसे आचरण में उतार लो। कथा कहने वालों की बड़ी जिम्मेदारी है। कभी-कभी विमुख होकर भी कथा सुननी चाहिए। कथा में वक्ता के दिल में जगह खोजने की कोशिश करो। कथा के दौरान महामंडलेश्वर संतोष दास अथवा बाबा महामंडलेश्वर माधवदास हिटलर बाबा महंत बलवीर गिरी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी न्यायमूर्ति सहित पुलिस के आला अधिकारी कथा स्थल पर मौजूद थे कथा स्थल को सुरक्षा के दृष्टिकोण से पुलिस ने सुरक्षा का चाक-चौबंद रखा था । वहां पर कोई अप्रिय घटना ना होने पाए।

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