
युवती ने खुद को बाथरूम में बंदकर इज्जत और सम्मान बचाया
प्रयागराज डिवीजन के अफसरों पर सवाल खड़े
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज डिवीजन में तैनात डिप्टी सीआईटी संतोष राय के खिलाफ चलती ट्रेन में छेड़छाड़ के मामले की जांच पूरी हो चुकी है। करीब साल पुराने इस मामले की धीमी गति से चल रही जांच और अब तक कोई कार्रवाई न होने से ही प्रयागराज डिवीजन के अफसरों पर सवाल खड़े हैं।
डिप्टी सीआईडी संतोष राय उर्फ रोमियो वर्तमान में प्रयागराज डिवीजन के वाणिज्य विभाग में तैनात हैं। सूत्रों के मुताबिक करीब सालभर पहले इटावा में उनके खिलाफ एक युवती के साथ चलती ट्रेन में छेड़छाड का मुकदमा दर्ज हुआ था। यह युवती रेलवे में ही तैनात आरपीएफ कर्मचारी की पुत्री बताई जाती है।
जांच में सामने आई जानकारी और दर्ज प्राथमिकी के सूत्रों के अनुसार डिप्टी सीआईटी संतोष उर्फ रोमियो ने युवती को टीटी बर्थ सात नंबर पर बैठाया। कानपुर से ट्रेन छूटने के बाद छेड़छाड की। युवती ने खुद को बाथरूम में बंदकर इज्जत और सम्मान बचाया। ऐसे मामलों को शीघ्रता से निस्तारित करने और जांच को जल्द पूरा करने का साफ तौर पर निर्देश होने के बावजूद प्रकरण में करीब साल भर से अधिक का वक्त लग चुका है। फिरभी अब तक प्रयागराज मंडल के अफसरों ने कोई कार्रवाई नहीं की है। बताते हैं कि पिछले तीन दिनों से मामले में नए सिरे से सुगबुगाहट शुरू हुई है। चर्चा है कि कार्रवाई में देरी के कारण पीड़ित पर समझौते के दबाव भी पड़ रहे हैं। उधर, रेलवे कर्मचारियों का एक गुट ऐसा भी है जो बताता है कि डिप्टी सीआईटी संतोष राय टिकट चेकिंग स्टाफ वाले फेडरेशन का पदाधिकारी है। इसके कारण कुछ कर्मचारी संगठनों के नेता उससे प्रतिद्वंद्वी भाव रखते हैं। प्रकरण को अनावश्यक तूल देकर संतोष राय को पीछे धकेलना चाहते हैं।
प्रकरण में प्रयागराज रेल मंडल के सीनियर डीसीएम विपिन सिंह से जानकारी लेने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने न फोन उठाया और न ही व्हाट्सएप पर भेजे गए मैसेज का कोई जवाब दिया। ऐसे में रेलवे का पक्ष साफ नहीं हो सका है।