
( अनुराग शुक्ला )प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। भारत की स्वतंत्रता के 75वें वर्ष के उपलक्ष्य में आजादी का अमृत महोत्सव के तहत अखिल भारतीय आयोजन एक नदी उत्सव भी है। जो संयुक्त रूप से राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन, जल शक्ति मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय और पर्यटन मंत्रालय द्वारा आयोजित है। इन उत्सवों का आयोजन चार चुनी गई विषय वस्तुओं स्वच्छता, देशभक्ति, प्रकृति और पारिस्थितिकी, भक्ति और आध्यात्म के तहत किया जा रहा है। नमामि गंगे के राजेश शर्मा ने बताया कि नदी उत्सवों का आयोजन ब्रह्मपुत्र, इंडस, नर्मदा, साबरमती, महानदी, कृष्णा, गोदावरी, कावेरी, गंगा, यमुना सहित कई नदियों पर किया जा रहा है। जिसके क्रम में गुरूवार को प्रयागराज में श्री योगानंद आश्रम झूंसी में नदी महोत्सव के रूप में गोष्ठी का आयोजन किया गया।मुख्य अतिथि ब्रह्मनिष्ठ श्री मत्प्रमहंस परिव्राजिकाचार्य श्री 108 श्री महंत स्वामी चिद्दधनानंद गिरी महाराज पीठाधीश्वर एवं विशिष्ट अतिथि डॉ.नरेंद्र नाथ व्यास ट्रस्टी सम्मलित हुए। जहां श्री योगानंद आश्रम नई झूंसी में गंगा तट पर नमामि गंगे के अंतर्गत राजेश शर्मा ने नदी तट को स्वच्छ रखने के लिए समस्त बटुकों को स्वच्छता का संकल्प दिलाया तथा सिंगल यूज पालीथिन के रोकथाम हेतु झोला बनियाइन टोपी प्रदान किया।
राजेश शर्मा ने बताया कि नदी उत्सव के लिए 21 से अधिक राज्यों और 180 से अधिक जिलों में देश कें 10 प्रमुख नदियों के साथ-साथ कई अन्य नदियों पर उत्सव के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। देश भर के सभी जिलों में नदी उत्सव के कार्यक्रम के दौरान पौधारोपण, स्वच्छता अभियान, गंगा आरती, सैंड आर्ट, ड्राइंग और पेंटिंग प्रतियोगिताएं, नारा लेखन, स्टोरी टेलिंग और नौका दौड़ का आयोजन कर लोगों को गंगा एवं देश की अन्य सभी नदियों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
नमामि गंगे जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार के कम्युनिकेशन स्पेशलिस्ट अथर्वराज ने कहा कि 26 अगस्त के मन की बात कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्र से एक साल में कम से कम एक बार नदी महोत्सवों के आयोजन करने का आह्वान किया था। जिसके बाद राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन ने देश की सभी नदियों पर गंगा उत्सव-एक नदी उत्सव 2021 मनाया। नदी उत्सव एक अविरल भारतीय आयोजन है, जो संयुक्त रूप से राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन, जलशक्ति मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय और पर्यटन मंत्रालय द्वारा आयोजित है। नदियों को निर्मल-अविरल रखना प्रत्येक की जिम्मेदारी है। इसी को ध्यान में रखते हुए हर वर्ष नदी उत्सव के रूप जागरूकता का विस्तार करते रहना होगा। इस दौरान सुधीर मिश्रा, अमित शुक्ला, रमित मिश्रा, रिशू द्विवेदी, शिवांग शुक्ला, सत्यम मिश्रा, प्रवीण मिश्रा, अनिल तिवारी, सुधांशु मिश्रा, शैलेश तिवारी, निखिल, प्रमोद यादव आदि श्री तीर्थराज संस्कृत उत्तर माध्यमिक विद्यालय के छात्र रहे।