दोस्त को फावड़े से काट डाला

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। संगम नगरी के गऊघाट पेट्रोल टंकी के पास बुधवार की देर रात एक युवक की फावड़े से मारकर हत्या कर दी गई। दोनों आपस में 8 साल पुराने दोस्त हैं।

 

गऊघाट में शराब पीने के दौरान हुआ घटना

अनाथ हो गए तीन मासूम

 

शराब पीने के दौरान किसी बात को लेकर हुए विवाद के बाद यह घटना हुई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और हत्या के आरोपी वैभव उर्फ राम बाबू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके दो दोस्त फरार हैं।

8 साल से दोनों के बीच थी गहरी दोस्ती

रानी फूलपुर का हाता, मोहल्ले का रहने वाला वैभव उर्फ रामबाबू और सनोज कुमार शर्मा (40 वर्ष) निवासी चाचर नाला गऊघाट आपस में 8 साल से गहरे दोस्त थे। दोनों का घर आना-जाना था। राम बाबू कोई काम नहीं करता था। आसपास के लोगों ने बताया कि वह एक नंबर का शराबी है। सनोज कुमार वायरिंग का काम करता था। उसकी पत्नी राधा ने बताया कि बुधवार की सुबह राम बाबू ने उसके पति सनोज कुमार को बुलाया था। दोपहर में उसकी दो बार बात हुई तो पति ने कहा कि आ रहे हैं अभी। इसके बाद रात को 10 बजे फिर फोन किया तो राम बाबू ने फोन उठाया और कहा कि अभी भेज रहे हैं पर वो देर रात भी घर नहीं लौटा। सुबह 4 बजे भोर में पुलिस की घंटी से उसकी नींद टूटी। सुबह चार बजे आई मनहूस खबर तब राधा ने बताया कि सुबह चार बजे पुलिस ने फोनकर बताया कि उसके पति की हत्या कर दी गई है। यह सुनकर उसके पैरों की जमीन खिसक गई। उसे विस्वास ही नहीं हो रहा है कि बिना किसी दुश्मनी और बात के उसके पति की कौन और क्यों हत्या कर देगा।फिलहाल वो बदहवाश रामबाबू के घर पर पहुंची तो देखा कि सनोज का खून से लथपथ शव चारपाई पर पड़ा था। चारपाई के नीचे खून फैला था और थाली में खाना भी बिखरा पड़ा था। सनोज के सिर और बले में फावड़े के गहरे निशान थे। वह मृत पड़ा था।
दारू के नशे में भरोसे का कत्ल
राधा ने बताया कि उसके पति और रामबाबू में काफी गहरी दोस्ती थी। कभी कहा-सुनी हुई भी तो थोड़ी देर बात खत्म हो जाती थी। मैं राम बाबू के ऊपर काफी भरोसा करती थी। उसने दारू के नशे में मेरे भरोसे का कत्ल किया है। मैं उसको कभी नहीं माफ करूंगी। उसे फांसी के तख्ते तक पहुंचाकर छोड़ूंगी । यह कहकर वह फफककर रोने लगती है।

मासूमों के सिर से उठ गया पिता का साया

राधा अपने पति के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अपनी छोटी सी गृहस्थी की गाड़ी हांक रही थी। अपने तीन लाड़लों आलोक, अमर और मिलन को अच्छी शिक्षा-दीक्षा देने के लिए लोगों के घरों में चूल्हा-चौका करती थी। जिंदगी में सबकुछ ठीक चला रहा था पर बुधवार की काली रात ने उसकी जिंदगी में हमेशा के लिए अधेरा कर दिया। सन्नाटे के बीच उसकी चीफ बार-बार यही कह रही थी कि अब अब में अकेले कैसे अपने बच्चों को पढ़ाऊगा। कैसे उनकी परवरिश करूंगी।
एसओ कीडगंज का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। आरोपी राम बाबू को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके दो दोस्तों की तलाश जारी है।

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