
प्रयागराज ( अनुराग दर्शन समाचार ) । उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी महासचिव राघवेंद्र प्रताप सिंह ने पर्ल कंपनी व सहारा कंपनियों द्वारा लाखों लोगों को भारी मुनाफे के लालच में निवेश 84 हजार करोड़ रुपया के फर्जीवाड़ा के दोषी मालिकानों की संपतिया जब्त कर जेल भेजें जाने की मांग की है । श्री सिंह ने शहर कांग्रेस कार्यालय में अपराह्न आयोजित पत्रकार वार्ता में शहर अध्यक्ष प्रदीप अंशुमन , जिलाध्यक्ष द्वय सुरेश यादव व अरूण तिवारी , प्रभारी सचिव उज्जवल शुक्ला, वसीम अंसारी तथा करम चंद्र बिंद के साथ संयुक्त रूप से संबोधित करते हुए कहा कि पर्ल कंपनी ने लोगों से गलत तरीके से 18 सालों में गोरखधंधे में निवेशकों से 60 हजार करोड़ की राशि सामूहिक निवेश योजना के जरिए जुटायी । बताया कि 31 मार्च 2021 तक इस कंपनी द्वारा पीएसीएल के 12.7 लाख निवेशकों के लूटे 10 हजार करोड़ रुपये में केवल 438 करोड़ रूपये वापस मिल पाये हैं । इसी प्रकार सहारा ग्रुप की दो एक कंपनियों सहारा इंडिया रियल इस्टेट कारपोरेशन और सहारा हाउसिंग इंवेसटेमेंट कारपोरेशन द्वारा 2.25 करोड़ निवेशकों से 24 हजार करोड़ रुपये जुटाये । आरोप लगाया कि भाजपा सरकार द्वारा इन मामलों में अभी तक कोई कार्यवाही नही की गई । कहा कि निवेशकों में अधिकांश उत्तर प्रदेश के हैं जिन्हें बेहतर रिटर्न के लिए पर्ल और सहारा में इंवेसट किया था । इन नेताओं ने कहा कि गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के पैसे फंसे हैं जिन्होंने बच्चों की पढ़ाई, शादी आदि के लिए अपना पेट काट कर कंपनियों में धनराशि जमाने की थी । कहा कि हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट और सेबी के दखल के बाद भी अभी तक लोगों के हाथ खाली हैं ।