
पीसीएस मुख्य परीक्षा स्थगित करने की अभ्यर्थियों की मांग का युवा मंच ने समर्थन किया
टीईटी परीक्षा से संक्रमण का तेजी से फैलने का खतरा
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। पिछले दिनों जिस तेजी के साथ देश में संक्रमण का खतरा बढ़ा है उसके मद्देनजर उत्तर प्रदेश सरकार के दिशानिर्देश पर यूनिवर्सिटी कालेज तक की परीक्षाएं स्थगित कर दी गई, तमाम तरह के प्रतिबंध लगा दिये गए हैं। चुनाव आयोग द्वारा चुनावीं जनसंपर्क तक में तरह तरह के प्रतिबंध लगाया गया है वैसे में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 20 लाख अभ्यर्थियों वाली टीईटी परीक्षा को आयोजित कराया जा रहा है जिसका फिलहाल अब शिक्षक भर्ती विज्ञापन से भी कोई संबंध नहीं रह गया है। ऐसे में टीईटी परीक्षा के औचित्य पर सवाल खड़े हो रहे हैं कि कहीं योगी सरकार लोगों की जिंदगी को खतरे में डालकर यह आर्हता परीक्षा युवा हितैषी होने के महज दिखावा के लिए तो आयोजित नहीं करा रही है ऐसे गंभीर आरोप लग रहे हैं। दरअसल टीईटी परीक्षा के दौरान पिछले दिनों देखा गया था कि परीक्षा केंद्रों से लेकर बस अड्डों आदि जगहों पर भारी भीड़ एकत्र हुई जिसमें कोरोना गाईडलाईन का अनुपालन संभव ही नहीं है। युवा मंच ने प्रदेश सरकार और पीएनपी से जानना चाहा है कि क्या इतनी बड़ी परीक्षा के आयोजन के संदर्भ में संक्रमण महामारी विशेषज्ञों से परामर्श व दिशानिर्देश लिया गया है। दरअसल योगी सरकार तीसरे लहर से निपटने के लिए पहले की तरह ही सिर्फ शेखी बघारने में लगी है और गंभीर नहीं है। अगर टीईटी परीक्षा आयोजित कराने की जिद ही है तो संक्रमण के मद्देनजर पुख्ता इंतजाम किया जाना चाहिए और सभी कोरोना संदिग्ध अभ्यर्थियों का यथासंभव कोरोना टेस्ट कराया जाना चाहिए और उन्हें अलग से बैठने का इंतजाम किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर सरकार इसी तरह तत्परता लंबित भर्तियों को पूरा करने और 5 लाख रिक्त पदों को विज्ञापित करने में दिखाती तो वास्तव में लाखों युवाओं का भला होता लेकिन 5 साल तक सिर्फ प्रचार कर रोजगार की कथित उपलब्धियों की शेखी बघारी गई और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ जारी रहा। इसके अलावा युवा मंच संयोजक राजेश सचान ने मुख्यमंत्री को ट्वीट कर पीसीएस मुख्य परीक्षा के स्थगित करने की अभ्यर्थियों की मांग को लेकर उनसे हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है।