अमेरिका में बैठे इंजीनियर ने सीसीटीवी अलर्ट से रोकी कानपुर में डकैती

 

Kiपुलिस एनकाउंटर में एक घायल,चार की तलाश जारी

लाइव कॉल में बदमाशों को हिदायत दी- भाग जाओ

(अनुराग शुक्ला )
कानपुर (अनुराग दर्शन समाचार ) । शहर के चकेरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत श्याम नगर में सोमवार देर रात सॉफ्टवेयर इंजीनियर के बंद मकान में डकैतों ने धावा बोल दिया। अमेरिका में बैठे इंजीनियर ने सीसीटीवी कैमरों के जरिए लुटेरों को देखा और पड़ोसियों और पुलिस को खबर दी। पुलिस के पहुंचने पर डकैती की वारदात होते-होते रुक गई।
श्याम नगर डी ब्लॉक निवासी सॉफ्टवेयर इंजीनियर विजय अवस्थी और आशुतोष अवस्थी एचसीएल कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। पिता स्व.हरिओम के निधन के बाद दोनों भाई अमेरिका के न्यू जर्सी में रहते हैं। इंजीनियर भाइयों ने अमेरिका से घर की निगरानी करने के लिए हाईटेक सीसीटीवी लगवा रखे हैं। सोमवार देर रात चार से 6 बदमाश घर में दाखिल हुए। विजय ने कैमरे से डकैतों को घर में घुसते और ताला तोड़ते देखा तो माइक से हिदायत दी कि तुम लोग सीसीटीवी में कैद हो गए हो। भाग जाओ नहीं तो पुलिस बुला देंगे। इसके बाद भी डकैत नहीं माने और सीसीटीवी तोड़ डाले और मकान के भीतर घुस गए। विजय ने इसकी सूचना पड़ोसी और चकेरी थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही चकेरी पुलिस मौके पर पहुंची और घेराबंदी करके डकैतों को पकड़ने का प्रयास किया तो ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने करीब डेढ़ घंटे बाद मुठभेड़ में गोली मारकर एक बदमाश को दबोच लिया। अन्य छत के रास्ते से भाग निकले। देर रात 12 से 3 बजे तक मुठभेड़ चली तब जाकर पुलिस भीतर घुस सकी।
*पुलिस सरेंडर करने को अनाउंस करती रही,डकैत भाग निकले*
घटना की जानकारी पर पुलिस कमिश्नर विजय सिंह मीणा,डीसीपी पूर्वी प्रमोद कुमार समेत आधा दर्जन थानों की फोर्स पहुंचा। मकान की हर तरफ से घेराबंदी की। छत से भागने की कोशिश कर रहे बदमाश को पुलिस ने गोली मारकर दबोच लिया। इसके बाद करीब देर रात तीन बजे तक पुलिस बदमाशों से सरेंडर करने की अपील करती रही। कड़ी मशक्कत के तीन घंटे बाद मकान के भीतर घुसी तो सन्नाटा मिला। तब पता चला कि बदमाश छत से भाग निकले है।
ताबड़तोड़ गोलियों की आवाज और नाकेबंदी से इलाके में दहशत
मामले की जानकारी मिलते ही चकेरी थाना समेत करीब 8 थानों का फोर्स और पुलिस कमिश्नर विजय सिंह मीणा के साथ डीसीपी ईस्ट,एसीपी समेत अन्य अफसर पहुंचे। ताबड़तोड़ गोलियों की आवाज और पूरे इलाके में नाकेबंदी से इलाके के लोग दहशत में आ गए। देर रात 3 बजे ऑपरेशन खत्म हुआ तो लोगों के जान में जान आई।

Exit mobile version