ईश्वर से खुद को जोड़ेंगे तो तरक्की की नई राह दिखाई देगी- स्वामी महेशाश्रम

( अनुराग शुक्ला ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। माघ मेला क्षेत्र के दंडी नगर में संतो द्वारा गंगा किनारे सनातन धर्म पर अपने अपने विचारों के माध्यम से भक्तों के अंदर अध्यात्म कर दिया
जला रहे हैं । आज दंडी संन्यासी परिषद के संरक्षक शंकराचार्य स्वामी
महेशाश्रम ने बताया अध्यात्म का अभिप्राय एक उम्र कने के बाद
ईश्वर में आस्था करना नहीं। बल्कि जिस आयु वर्ग में आप है वहां खुद को ईश्वर से जोड़ना ही सच्ची भक्ति है। ईश्वर पर भरोसा ही भक्त प्रहलाद और मार्कण्डेय जैसी शख्सियत बनाते हैं। शंकराचार्य स्वामी महेशाश्रम ने कहा कि आज के दौर में लोगों ने जीवन को कुछ हिस्सों में बांट दिया है। जैसे पढ़ाई की उम्र, कमाई की उम्र और फिर अध्यात्म की उम्र। अध्यात्म जीवन का
बचा हुआ भाग नहीं है। जिसे बाद में किया जाए। अगर शुरू से
लोग ईश्वर से खुद को जोड़ेंगे। तो तरक्की की नई राह दिखाई
देगी। स्वामी महेशाश्रम ने बताया हमारे यहां डंडी सन्यासियों का भंडारा सुबह-शाम चल रहा है। सैकड़ों दंडी स्वामी प्रसाद पाते हैं और अपने-अपने कैंपों में कोविड-19 का पालन भी करते हैं।

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