बहुजन रंगकर्मी अप्रत्यक्ष रूप से करेंगे बसपा प्रत्याशियों का प्रचार

बसपा ही कर सकती है बहुजन साहित्य कला और संस्कृति का जीर्णोद्धार

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। बहुजन साहित्य कला संस्कृति के साथ साथ बहुजन रंगमंच के विकास संरक्षण सम्बर्धन और उसके पुनरस्थापत्य के लिये विगत 2007 से प्रयागराज में सतत कार्य कर रही प्रबुद्ध फाउंडेशन, डा. अम्बेडकर वेलफेयर एसोसिएशन (दावा) के सभी पदाधिकारी, सदस्य और रंगकर्मी अप्रत्यक्ष रूप से बहुजन समाज पार्टी के प्रभारी प्रत्याशियो का प्रचार प्रसार करेंगे उक्त बाते बहुजन रंगमंच के एक मात्र रंग निदेशक उच्च न्यायालय के अधिवक्ता रामबृज गौतम ने ग्लास फैक्ट्री पंतरवा स्थित डा. अम्बेडकर बुद्ध विहार के प्रांगण में रंग कर्मियों को एक वर्षीय प्रमाण पत्र वितरित करते हुये कही। गौतम ने बहुजन रंगकर्मियों निर्देशित हुये बताया कि देश में 85% बहुजनों की जनसंख्या होकर भी हम कुछ नहीं हैं क्योंकि हम असंगठित हैं
और अल्पजन 15% होते हुए भी देश की सभी सत्ता प्रतिष्ठानों पर काबिज है क्योंकि वे संगठित हैं। देश की सत्ता बहुजनो की होती अगर हम समझ से काम लेते और हमारा घर वार केवल बीएसपी होती और तब देश में हम दाता होते और याचक कोई और होता और समता स्वतंत्रता और बन्धुत्व पर आधारित सामाजिक व्यवस्था कब की स्थापित हो गयी होती। सबको शिक्षा स्वास्थ्य रोजगार
व सामाजिक न्याय मिलता तब बिरसा फूले अम्बेडकर साहूजी महारज पेरियार रामासामी कबीर रैदास व तमाम बहुजन महापुरुषों का सपना पूरा हो गया होता। श्री गौतम ने आगे बताया कि देश की आजादी के चौहत्तर साल बाद भी देश जाति और जातिवाद से मुक्त नहीं हो पाया। आज भी भारत का नागरिक एक मानुष्य और उसके अन्दर मानवता स्थापित नहीं हो पाई। निश्चित ही बसपा प्रमुख बहनजी के दिए गए स्लोगन सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय बसपा की सत्ता से ही प्रतिस्थापित होगा।

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