वसंत पंचमी के दिन कोई भी नया काम प्रारम्भ करना शुभ माना जाता- शंकराचार्य महेशाश्रम जी

( अनुराग शुक्ला ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। हरिश्चंद्र मार्ग माघ मेला क्षेत्र में नागेश्वर धाम पंडाल में बसंत पंचमी पर्व पर विशेषता बताते हुए शंकराचार्य महेशाश्रम जी ने बताया विद्या की देवी सरस्वती का जन्मदिवस वसंत पंचमी वसंत ऋतु के आगमन का भी प्रतीक है। इस पर्व को पूरे विधि-विधान से मनाते हैं। यह पर्व माँ शारदे की उपासना और उनकी असीम अनुकम्पा अर्जित करने का भी अवसर है। यह भी माना जाता है कि वसंत पंचमी के दिन ही सिख गुरु गोविंद सिंह का जन्म हुआ था। कहा जाता है कि इस दिन पीले वस्त्र धारण करने चाहिए। इस पर्व के महत्व का वर्णन पुराणों और अनेक धार्मिक ग्रंथों में विस्तारपूर्वक किया गया है। शंकराचार्य महेशाश्रम जी ने बताया खासतौर से देवी भागवत में उल्लेख मिलता है कि माघ शुक्ल पक्ष की पंचमी को ही संगीत, काव्य, कला, शिल्प, रस, छंद, शब्द शक्ति जिह्वा को प्राप्त हुई थी। शंकराचार्य महेशाश्रम जी ने भक्तों को वसंत पंचमी के दिन कोई भी नया काम प्रारम्भ करना भी शुभ माना जाता है। जिन व्यक्तियों को गृह प्रवेश के लिए कोई मुहूर्त ना मिल रहा हो वह इस दिन गृह प्रवेश कर सकते हैं या फिर कोई व्यक्ति अपने नए व्यवसाय को आरम्भ करने के लिए शुभ मुहूर्त को तलाश रहा हो तो वह वसंत पंचमी के दिन अपना नया व्यवसाय आरम्भ कर सकता है। इसी प्रकार अन्य कोई भी कार्य जिनके लिए किसी को कोई उपयुक्त मुहूर्त ना मिल रहा हो तो वह वसंत पंचमी के दिन वह कार्य कर सकता है।

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