आईसीआर के महानिदेशक त्रिलोचन महापात्रा के अनुसार जिस प्रकार से स्कूलों में गणित,भौतिक विज्ञान और रसायन शास्त्र की पढ़ाई पर विशेष ध्यान दिया जाता है ठीक उसी प्रकार से कृषि शिक्षा पर भी जोर दिए जाने की जरूरत है जिससे नई पीढ़ी में कृषि के प्रति लगाव उत्पन्न हो सके।
उन्होंने कहा कि देश में स्कूली स्तर पर कृषि शिक्षा बहुत कम है जिसके कारण इसके लिए एक समर्पित पाठ्यक्रम तैयार करने की जरुरत है। आईसीएआर ने इस संबंध में मानव संसाधन मंत्रालय को पत्र भी लिखा है । डॉ महापात्रा ने कहा कि आज मुश्किल से पांच प्रतिशत युवक रोजगार का कोई विकल्प नहीं होने पर खेती का पेशा अपनाते हैं। खेती को लेकर समाज में ऐसी मान्यता भी बन गयी है जिसके कारण युवा इस ओर नहीं जाना चाहते हैं । उन्होंने कहा कि उनके राज्य ओडिशा में ही युवक शहर जा कर छोटा -मोटा काम कर लेते हैं लेकिन वे खेती नहीं करना चाहते हैं। ऐसे में सामाजिक सोच में बदलाव की भी जरुरत है ।