
(अनुराग शुक्ला ) प्रयागराज ( अनुराग दर्शन समाचार )। माघ मेला के सेक्टर तीन स्थित शंकराचार्य शिविर में सार्वभौम गंगा सेवा अभियानम के तहत बुधवार को गंगा तिरंगा उत्सव मनाया गया। इस अवसर पर गंगा, तिरंगा की जय-जयकार के साथ शिविर में तिरंगा फहराया गया। अंग्रेजी माह के तहत 26 जनवरी 1950 को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है, लेकिन पंचांग के तहत यह संविधान लागू होने की तिथि माघ शुक्ल पक्ष अष्टमी थी। इसलिए वैदिक परंपरा के अनुरूप गणतंत्र तिथि महोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर स्वामी विद्या चैतन्य महाराज ने कहा कि गंगा तिरंगा उत्सव भारतीय संस्कृति का प्रतीक है। इसलिये संत समाज इस दिन ध्वज फहराकर संविधान के प्रति सम्मान प्रदर्शित करता है। अभियान के राष्ट्रीय प्रमुख राकेश चन्द्र पांडेय ने कहा कि 2014 में गंगा नदी को राष्ट्रीय नदी घोषित की गई थी। उसके बाद 2018 से गंगा, तिरंगा महोत्सव को शुरुआत हुई। उन्होंने कहा कि तिरंगा देश का शान तो मां गंगा प्राण है। स्वामी वेदांताचार्य ने कहा कि देश में संविधान 26 जनवरी, 1950 को लागू हुआ था। लेकिन गणतंत्र दिवस की तिथि से आम लोग परिचित नहीं हैं। इसलिये जनमानस की जागरूकता के लिये गणतंत्र दिवस तिथि महोत्सव धूमधाम से मनाया जाता है। संयोजन स्वामी सहजानन्द ब्रह्मचारी ने किया।