
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। किटगंज में 375 वा उर्स मुबारक शैख़ मुहीबउल्लाह इलाहाबादी दादा मियां का सालाना उर्स मुबारक अक़ीदत व एहतेराम से मनाया।जिसमे नमाज फ़ज़्र ग़ुस्ल फातेहाखानी चादर पेस की गई।औऱ मुल्क की सलामती की दुआ हुई।जिसमे बड़ी तादात में जायरीनों ने शिरकत की और अपनी मुरादे माँगी जो पुरखुलूस इस चौखट पे पूरी होती है।दरगाह के सज्जादानशीन मुकर्रब उल्ल्हा उर्फ अली मियां ने बताया कि ये परम्परा सदियों चली आ रही हैं।बताया जाता है कि शैख़ मुहिउल्लाह इलाहाबादी सूरदास कबीरदास व तुलसीदास के समकालीन एक महान सूफी संत थे यु0 पी0 गज़ेटियर के अनुसार इन्होने अरबी व फ़ारसी अनेक पुस्तकों की रचना की है इनकी समस्त रचनाएँ सांप्रदायिक सदभावना का सन्देश देती है।शैख़ साहब ने सदैव हिन्दू मुस्लिम एकता पर बल दिया है जिसके कारण दोनों ही सांप्रदाय के लोग शैख़ साहब के अनुयायी बने उनके प्रति सबकी अपार श्रद्धा है।शैख़ मुहीब्उल्लाह इलाहाबादी मखदूम साबिर पाक बाबा फरीद गंजेशकर ख़्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती अजमेरी गरीबनवाज़ के समकक्ष हैँ भारत मे शैख़ साहब को वहदतुल वजूद का सबसे बड़ा प्रवक्ता मना जाता है इसलिए आपको इब्ने अरबी हिंदी भी कहा जाता है।दादा मिया का उर्स सरकारी गाइड लाइन का पालन करते हुए सादगी से पीर ज़ादों की बाग़ नई बस्ती कीडगंज स्थित मज़ार पर मनाया गया। जिसमे शाह मुबारीज़ मिया,पर्षद मो सादिक, मो अमीर,अकिलूर रहमान,महमूद मिया ,मो मिया फ़ारूक़ी,हफीज लुकमान,सैफ खान,इम्तेयाज,दरगाह के लोगो ने शिरकत किया।