माघी पूर्णिमा पर गुरु आदित्य योग बन रहा है जिससे स्नान पर्व की शुभता में होगी वृद्धि – धनंजय स्वरूप ब्रह्मचारी

( अनुराग शुक्ला )प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। माघ मेले का पांचवा प्रमुख स्नान पर्व माघी पूर्णिमा 16 फरवरी को है इसी दिन संगम की रेती पर एक माह से चल रहा कल्पवास भी समाप्त हो जाएगा साथ ही शिविरों से कल्पवासी अनुष्ठान के बाद अगले वर्ष आने का संकल्प लेकर विदा हो जाएंगे। कल्पवास 17 जनवरी को पूर्णिमा को शुरू हुआ था ।माघ पूर्णिमा के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाएंगे, श्री दण्डी स्वामी नगर हरिश्चंद्र मार्ग श्री नागेश्वर धाम अन्नक्षेत्र से धनंजय स्वरुप ब्रह्मचारी ने बताया की शास्त्र मान्यता है कि इस दिन स्नान दान से पूरे माघ मास के स्नान का पुण्य फल मिलता है । धनंजय स्वरूप ब्रह्मचारी ने बताया कि पूर्णिमा तिथि 15 फरवरी की रात 9:12 बजे लगकर 16 फरवरी की रात 10:09 तक रहेगी पूर्णिमा पर उदया तिथि में ब्रह्म मुहूर्त में स्नान दान शुरू हो जाएगा इस दिन गुरुदेव बृहस्पति और सूर्य दोनों एक साथ कुंभ राशि में संचरण कर रहे हैं इसलिए माघी पूर्णिमा पर गुरु आदित्य योग बन रहा है जिससे स्नान पर्व की शुभता में वृद्धि होगी।

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