
( अनुराग शुक्ला )प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। आज आर्य कन्या डिग्री कॉलेज, प्रयागराज परिसर में अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अन्तर्गत रविनन्दन सिंह, पूर्व कोषाध्यक्ष, हिन्दुस्तानी एकेडमी, प्रयागराज का व्याख्यान आयोजित किया गया। साहित्य समाज और भाषा विषय पर बोलते हुए अपने वक्तव्य में रविनन्दन सिंह ने कहा आज हमें मातृभाषा को लेकर जागरूक होने की जरूरत है। भाषा ईश्वरीय नहीं होती, भाषा समाज की देन है। यह विकास का क्रम है। बच्चा जिस भाषा में मां से बात करता है वही मातृभाषा है। यह कह सकते हैं कि मातृभाषा पालने की भाषा है। सूक्ष्म से सूक्ष्म अनुभूतियां इसमें व्यक्त की जा सकती है। मातृभाषा को सीखना नहीं पड़ता। अध्यक्षीय उद्बोधन में अध्यक्ष, शासी निकाय पंकज जायसवाल ने मातृभाषा के महत्व पर बताया कि मातृभाषा अधिक बोधगम्य होती है। बच्चा उसमें अधिक सहज होता है। सीखने के बाद वह अन्य भाषाओं में भी सिद्धस्त हो सकता है। अतिथियों का स्वागत प्राचार्या, डॉ0 रमा सिंह ने किया। उन्होनें कहा कि महाविद्यालय में होने वाले व्याख्यान हमारी छात्राओं को श्रेष्ठ बनाते है। नयी शिक्षा नीति में मातृभाषा में शिक्षण पर जोर दिया गया है। अपनी भाषा में विद्यार्थी अधिक समझ पाता है। तभी सशक्त नागरिक बनता है। जब हम अपनी भाषा में पढ़ते है तो उनमें नैतिक मूल्य अधिक बढ़ते है। आभारज्ञापन डॉ0कल्पना वर्मा, विभागध्यक्ष, हिन्दी विभाग ने किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ0 शशिकुमारी ने किया। इस अवसर पर डॉ0 मुदिता तिवारी, डॉ0 रेनू जैन, डॉ0 ममता गुप्ता, डॉ0 मधुरिमा वर्मा, डॉ0 सुधा सिंह, डॉ0 नीलान्जना जैन, डॉ0 रंजना त्रिपाठी, डॉ0 श्यामकान्त, डॉ0 स्मिता, डॉ0 हेमलता, डॉ0 दीपशिखा सहित बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं। इस अवसर पर निबन्ध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें चांदनी शर्मा ने प्रथम, श्वेता यादव ने द्वितीय, अनुराधा पटेल ने तृतीय स्थान व प्रियांशी यादव को
सान्त्वना पुरस्कार प्रदान किया गया।