
शुक्रवार 25 फरवरी को होगी हल्दी अनुष्ठान
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मठ-मंदिर की श्रीमहंत देव्यागिरि की अगुआई में गौरा की प्रतिमा वधु की तरह सुसज्जित की गई। वधु पक्ष की ओर से उपमा पाण्डेय, वर्तिका श्रीवास्तव, रामदुलारी कश्यप, ज्योति कश्यप सहित अन्य ने वर पक्ष का स्वागत किया। इस अवसर पर गौराजी को वस्त्र, मिठाई, फल, आभूषण आदि भेंट किये गए। हल्दी की थाल सजा कर आयोजन की औपचारिक घोषणा की गई। वर पक्ष की ओर से किरन कपूर, सुनीता चौहान, मालती शुक्ला, ममता, किरन, मंजू, रेनू सहित अन्य उपस्थित रही। इस अवसर किरन कपूर की अगुआई में सगाई के भजन गाये गए। उनके दल में फूल कुमारी, माया, मीरा वर्मा, कमलेश ने भजन सुनाए वहीं ढोलक पर करन जोशी और रोहित ढोलक पर संगत दी।
श्रीमहंत देव्यागिरि ने बताया कि फाल्गुन मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। इसलिए यह त्योहार शिव और पार्वती के विवाह के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि भगवान कृष्ण के अवतरण दिवस को जन्माष्टमी और भगवान राम के अवतरण दिवस को रामनवमी के रूप में विश्वभर में मनाया जाता है पर जो अजन्मा है, उस महादेव बाबा शिव-शंकर भोलेनाथ का अवतरण दिवस नहीं बल्कि विवाह समारोह मनाया जाता है। वास्तव में यह प्रकृति के पूर्णता का दिवस है क्योंकि यह गगन और धरा का मिलन का पवन अवसर है। आध्यात्मिक जागृति के लिए यह दिन बहुत ही पावन और फलदायी होता है। उन्होंने बताया कि बाबा मनकामेश्वर की सगाई के बाद इस क्रम में मनकामेश्वर मठ मंदिर में शुक्रवार 25 फरवरी को हल्दी की अनुष्ठान होगा जबकि शनिवार 26 फरवरी को मंडप छाया जाएगा। रविवार 27 फरवरी को मेंहदी की पंरपरा निभायी जाएगी और बाबा मनकामेश्वर की यात्रा मनकामेश्वर घाट से मनकामेश्वर मठ-मंदिर तक आकर्षक रूप में निकाली आएगी। उस क्रम सोमवार 28 फरवरी को महिला संगीत होगा जबकि मुख्य आयोजन मंगलवार एक मार्च को महाशिवरात्रि का भव्य रूप में आयोजित किया जाएगा। इसके लिए मंदिर में श्रंगार, रुद्राभिषेक, आरती आदि की बुकिंग अंतिम चरणों में है। इसके लिए महज 5100 रुपए में यह सुविधाएं अलग अलग, मंदिर की ओर से विशेष दिवसों को छोड़ कर उपलब्ध करवायी जा रही है।