कीव से निकले छात्रों को आधे रास्ते से हंगरी बॉर्डर रवाना किया गया, दो छात्रों की कानपुर वापसी

रोमानिया बॉर्डर पर भारी बर्फबारी कैंप में रहने तक की जगह नहीं मिली

कानपुर ( अनुराग दर्शन समाचार )। यूक्रेन में फंसे छात्रों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कीव से ट्रेन के रास्ते मुश्किलों को पार करते हुए रोमानिया बॉर्डर पहुंचे छात्रों को अब हंगरी बॉर्डर भेजा जा रहा है। बॉर्डर पर दो हजार से ज्यादा लोगों की भीड़ है। रोमानिया बॉर्डर पर भारी बर्फबारी के चलते छात्रों को हंगरी बॉर्डर भेजा जा रहा है। वहां लोगों के कैंप में रहने तक की जगह नहीं मिल पा रही है।

*बस से भेजा जा रहा है हंगरी बॉर्डर*

कानपुर के लाल बंगला की रहने वाली छात्रा आकांक्षा शुक्ला ने बताया कि रोमानिया बॉर्डर से अब उन्हें बस के जरिए हंगरी बॉर्डर भेजा जा रहा है। रोमानिया से हंगरी बॉर्डर की दूरी करीब 200 किमी है। इंडियन एबेंसी ने हंगरी बॉर्डर पहुंचने के लिए कहा है। बस से करीब 50 छात्र हंगरी बॉर्डर के लिए रवाना हुए हैं। इसे सुनने के बाद आकांक्षा के परिजनों की चिंताएं कम हुई हैं। वहीं छात्रों ने भी कीव से निकलकर थोड़ी राहत की सांस ली है।

*2 छात्रों की सकुशल घर वापसी*

यूक्रेन से कानपुर के 2 छात्र सकुशल घर वापस लौट आए हैं। कानपुर के विकास यादव ने यूक्रेन में फंसे थे। मंगलवार शाम को दिल्ली से लखनऊ एयरपोर्ट उतरे। उनके साथ लखनऊ के दो छात्र नदीम अख्तर, आकांक्षा चौरसिया, शाहजहांपुर की जया और गोंडा जिले के जियाद्दीन अंसारी भी लौटे हैं। वहीं,मंगला विहार निवासी निर्दोष यादव दिल्ली से देर रात कानपुर पहुंचे। दोनों छात्र यूक्रेन से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे थे।

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