
प्रयागराज( अनुराग दर्शन समाचार )। ईश्वर शरण पीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. आनन्द शंकर सिंह ने ‘‘पर्यावरण, प्लास्टिक और हम’’ विषय पर परिचर्चा करते हुए कहा कि पर्यावरण है तो हम हैं। उन्होंने अथर्ववेद के प्रसिद्ध वाक्य ‘माता भूमिः पुत्रोहम् पृथिव्या:’ को उद्धृत करते हुए मनुष्य और पर्यावरण के सम्बन्धों पर विस्तार से चर्चा की।
राष्ट्रीय सेवा योजना, ईश्वर शरण पीजी कॉलेज के तत्वावधान में शनिवार को प्रभारी डॉ. सुमन अग्रवाल एवं कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अंजना श्रीवास्तव तथा डॉ. अरविन्द कुमार मिश्र के मार्गदर्शन में ‘‘पर्यावरण, प्लास्टिक और हम’’ विषय पर परिचर्चा एवं रैली का आयोजन किया गया। प्राचार्य ने इस दौरान स्वयंसेवकों को अपनी संस्कृति, समाज एवं पर्यावरण की रक्षा के लिए समाज को जागरूक करने पर जोर दिया।
इस अवसर पर एनएसएस प्रभारी डॉ. सुमन अग्रवाल ने सिंगल यूज प्लास्टिक के पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव और कानूनी रोकथाम की प्रक्रिया पर विस्तार से बताया। डॉ. अंजना श्रीवास्तव ने व्यक्ति के दैनिक उपयोग में प्लास्टिक के थैली की आदत को लेकर कहा कि आज कपड़े के थैले का स्थान प्लास्टिक थैले ने ले लिया, जिसका दुष्प्रभाव हम सब के सामने है। डॉ. अरविन्द कुमार मिश्र ने कहा कि पर्यावरण के साथ जो हमारा रिश्ता था, वह आज समाप्त हो गया है। हम उपभोक्तावादी हो गये हैं। जिसके कारण आज दुनिया के कई प्रदूषित शहरों में हमारी गिनती होती है। अतः हमें अपनी जीवन शैली में पर्यावरण के संकट और प्लास्टिक के उपभोग पर गम्भीरता से चिंतन करते हुए लोगों को इसके बारे में जागरूक करना होगा। उन्होंने कहा एनएसएस इसके लिए एक बेहतर मंच हो सकता है।
परिचर्चा के पश्चात प्राचार्य ने हरी झण्डी दिखाकर स्वयंसेवकों को जागरूकता रैली के लिये रवाना किया। रैली शुक्ला मार्केट, सलोरी, बड़ी बगिया, लाला की सराय, टैम्पो स्टैण्ड होते हुए वापस महाविद्यालय परिसर स्थित गांधी पार्क में सम्पन्न हुई। इस अवसर पर रसिका, मुस्कान, अवन्तिका, तनु, पूजा, चन्द्र प्रकाश, अश्विनी, सुरेन्द्र, हरिओम, पवन इत्यादि की विशेष भूमिका रही।