
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। आज राजकीय उद्यान चंद्रशेखर आजाद पार्क ,प्रयागराज में मंडलीय फल, शाक, भाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी के दूसरे दिन सायंकाल संगीत संध्या में प्रयागराज के प्रसिद्ध कलाकार मनोज गुप्ता एवं साथियों ने गीतों एवं गजलों से उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया l उन्होंने अपने कार्यक्रम का शुभारंभ गोस्वामी तुलसीदास जी की रचना गणेश वंदना “गाइए गणपति जगवंदन” से प्रारंभ किया तत्पश्चात उन्होंने “इस तरह मोहब्बत की शुरुआत कीजिए”, “न जी भर के देखा न कुछ बात की”, “फिर छिड़ी रात बात फूलों की”, “जिंदा रहने के लिए तेरी कसम एक मुलाकात जरूरी है सनम”, “हम तेरे शहर में आए हैं मुसाफिर की तरह”, “तुमको देखा तो यह ख्याल आया, “यह शाम मस्तानी”, “प्यार दीवाना होता है मस्ताना होता है” सहित कई गीतों और गजलो की प्रस्तुति से उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया । उन्होंने श्रोताओं की मांग पर भी कई गीतों और गजलों की प्रस्तुति की, उनके साथ में सहगायिका के रूप में कविता निगम ने “तुम आए तो आया मुझे याद गली में आज चांद निकला”, “चलते चलते यूं ही कोई मिल गया था”, “बाबूजी धीरे चलना” सहित कई गीतों की प्रस्तुतियों से उपस्थित श्रोताओं को प्रभावित किया l उक्त कार्यक्रम में दोनों कलाकारों के युगल गीतों ने भी श्रोताओं के मन को गुदगुदाने के साथ-साथ भरपूर तालियां बटोरी l
साथी कलाकारों में बांसुरी पर रविशंकर , वायलिन पर जयकिशन, ऑक्टोपैड पर प्रशांत भट्ट तथा तबला एवं ढोलक पर सूर्या भट्ट ने बहुत ही खूबसूरत साथ दिया l प्रारंभ में कलाकारों का स्वागत आयोजन के अवैतनिक सचिव उमेश चंद्र उत्तम तथा उप निदेशक उद्यान पंकज शुक्ला ने बुके देकर किया तथा कार्यक्रम का संचालन अशोक जैन ने किया l