संत और बसंत दोनों ही चेहरे पर खुशी लाते हैं-आचार्य श्री पुष्पदंत सागर महाराज

 

जैन आचार्य प्रमुख सागर ससंघ का नगर में मंगल प्रवेश

( अनुराग शुक्ला )
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )।जैन आचार्य प्रमुख सागर ससंघ का भारतवर्ष के विभिन्न प्रांतों से सत्य,अहिंसा एवं नशा मुक्ति का प्रचार करते हुए लखनऊ प्रतापगढ़ होते हुए सोमवार को प्रयागराज के ज़ीरो रोड स्थित जैन मंदिर में मंगल प्रवेश हुआ।
जैन समाज के श्रद्धालुओ ने आचार्य श्री ससंघ की शहर की सीमा पर पहुंचकर भव्य अगवानी की। इस दौरान जैन समाज के लोगो ने बैंड बाजों एवं पुष्पव्रष्टिके साथ शोभायात्रा निकालकर आचार्य श्री को शहर में प्रवेश कराया। श्रद्धालुओ ने जगह-जगह आचार्य श्री की आरती कर पाद प्रक्षालन किया। आचार्य श्री के संघ में मुनि श्री प्रभा सागर, क्षुल्लक श्री प्रगुण सागर जी, क्षुल्लिका श्री परीक्षा श्री,प्रेक्षा श्री, आरधना श्री एवं प्रीति श्री है। जीरो रोड स्थित जैन मंदिर में भगवान के दर्शन के बाद आचार्य श्री ने प्रवचन में कहा कि वे सत्ताईस वर्ष पूर्व अपने गुरु आचार्य श्री पुष्पदंत सागर महाराज के साथ प्रयागराज आये थे, उन्होंने बताया कि संत और बसंत दोनों ही चेहरे पर खुशी लाते हैं। संत समाज में आ जाएं तो संस्कृति और बसंत आ जाये तो प्रकृति मुस्कुरा उठती है। इस अवसर पर बाला जैन ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया। सभा का संचालन विकास जैन द्वारा किया गया।
शाम को गुरू भक्ति और भव्य आरती श्रद्धालुओं द्वारा की गयी।

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