
प्रयागराज( अनुराग दर्शन समाचार )। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में परिवार और सामुदायिक विज्ञान विभाग की छात्राओं को दो दिवसीय श्साइबर सुरक्षा जागरूकताश् कार्यशाला में जागरूक किया गया।
जिसमें साइबर सुरक्षाए इसके खतरे और उनके प्रकारए साइबर बुलिंगए हैकिंग और साइबर सुरक्षा की बुनियादी रणनीति से सम्बंधित अनेक मॉड्यूल शामिल थे। वैपसॉफ्ट टेक्नोलॉजीज प्राण्लि प्रयागराज से विभव श्रीवास्तव और रूपल राव कार्यशाला के प्रशिक्षक थे।
अध्यक्षता डॉण् मोना खरे, निदेशकए आईपीएस ने की। उन्होंने डिजिटलाइजेशन के इस युग में युवाओं को साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण देने की आवश्यकता पर जोर दिया। कहा कि यह कार्यशाला प्रतिभागियों के लिए अपने समग्र साइबर सुरक्षा अनुभव और ज्ञान के विस्तार में निश्चित फायदेमंद होगी। प्रतिभागियों को विभिन्न प्रकार के हैकर्स ग्रे हैट, व्हाइट हैट और ब्लैक हैट हैकर्सद्ध और हैकिंग को रोकने के लिए उठाए जाने वाले कदमों के बारे में जानकारी दी गई।
उन्होंने साइबर शिकारियों के खिलाफ अपने सिस्टम की रक्षा करने और साइबर धोखाधड़ी से अपने सिस्टम को सुरक्षित रखने के उपाय भी सीखे। कार्यशाला के प्रथम दिवस छात्राओं को साइबर सुरक्षा की आवश्यकता और महत्वए साइबर हमलों के परिणामए साइबर स्पेसए साइबर खतरों के प्रकारए साइबर शिकारियों की पहचान और उनके खिलाफ सिस्टम की सुरक्षा के तरीकों पर प्रशिक्षण दिया गया था।
छात्राओं को सोशल मीडिया पर साइबर उत्पीड़न और सोशल मीडिया कनेक्शन के माध्यम से धोखाधड़ी और ट्रोलिंग की पहचान करने के बारे में भी जागरूक किया गया। साइबर बुलिंग को रोकना और रिपोर्ट करना भी सत्र का एक अभिन्न अंग था। बुधवार को कार्यशाला का उद्घाटन इलाहाबाद विश्वविद्यालय विज्ञान संकाय के डीन प्रोण्शेखर श्रीवास्तव ने किया। उन्होंने कहा कि कार्यशाला छात्रों के बीच साइबर जागरूकता पैदा करने और साइबर सुरक्षा के अनुप्रयोग और निहितार्थ की गहरी समझ पैदा करने के लिए बेहद फायदेमंद है।
कार्यशाला का संयोजन परिवार और सामुदायिक विज्ञान विभाग सहायक प्रोफेसर डॉण्रितु सुरेका ने किया। परिवार और सामुदायिक विज्ञान विभाग सहायक प्रोफेसर डॉण्प्रियंका केसरवानी कार्यशाला की आयोजक थीं। इस दौरान प्रतिभागियों ने कार्यशाला के बारे में अपनी सकारात्मक प्रतिक्रिया साझा की और उनकी सक्रिय भागीदारी के लिए उन्हें प्रमाण पत्र वितरित किए गए।