बैठक में राम मंदिर निर्माण तथा यात्रियों की सुविधाओं को लेकर हुआ मंथन

( अनुराग शुक्ला )
अयोध्या( अनुराग दर्शन समाचार )। बुधवार को सर्किट हाउस में राम मंदिर निर्माण समिति बैठक संपन्न हो गई। बैठक में मंदिर निर्माण के साथ-साथ श्रद्धालुओं की विशेष सुविधा का ध्यान रखने पर भी खाका खींचा गया। ट्रस्ट बुजुर्ग और थके श्रद्धालुओं के आराम करने के लिए भी अतिरिक्त भवन की व्यवस्था पर मंथन कर रहा है।

साथ ही दर्शनार्थियों के लिए पेयजल, टॉयलेट व सामान रखने की व्यवस्थाओं पर भी चर्चा हुई। मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र की अध्यक्षता में दो दिन चली बैठक के बाद बुधवार को सर्किट हाउस में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में यात्रियों की सुविधाओं को लेकर गम्भीर मंथन हुआ हैं।

लगभग 30 प्रतिशत मंदिर निर्माण का काम पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट दीर्घकालिक योजना पर काम कर रहा है। ट्रस्ट की योजना है कि दो लाख श्रद्धालु भी अगर प्रभु श्रीराम के दर्शन के लिए पहुंचते हैं तो उनको किसी प्रकार की दिक्कत ना हो। 50 हजार श्रद्धालुओं के सामानों को रखने की सुविधा होगी।

राम मंदिर परिसर में अग्निशमन वाहन के खड़े होने की सुविधा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पानी स्टोरेज की भी सुविधा रहेगी। परिसर में टॉयलेट व प्रसाधन की भी सुविधा की जाएगी। थके हुए श्रद्धालुओं को आराम करने के लिए भी अतरिक्त भवन की व्यवस्था की जा रही है।

बैठक में राम मंदिर के अलावा 70 एकड़ के विकास पर भी चर्चा की गई।चंपत राय ने बताया कि यह रोटीन बैठक है जो महीने-डेढ़ महीने पर दो दिन के लिए होती है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण की गति को तेज नहीं किया जा सकता है।

जैसा चल रहा है वैसा ही चलेगा। बैठक में ट्रस्ट के पदाधिकारी सदस्य नरेंद्र गिरी, कामेश्वर चैपाल, डॉ अनिल मिश्रा के अलावा टाटा कंसल्टेंसी व एलएनटी के एक्सपर्ट भी मौजूद रहे। पहले दिन राम मंदिर परिसर में हुई बैठक से पहले ट्रस्ट के सदस्घ्यों ने राम जन्मभूमि परिसर का निरीक्षण किया था। इसके बाद तकनीकी टीम से बातचीत करने के बाद यहां हो रहे मंदिर के निर्माण कार्यों की समीक्षा की गइ थी।

ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि मंदिर निर्माण के अगले चरण में मुख्य मंदिर के भवन का निर्माण होना है। इसके लिए मई-जून तक पत्थरों का इंतजाम करना और बरसात के पहले मंदिर परिसर की रिटेनिंग वाल की नींव भराई का काम पूरा करवाने को लेकर मंथन किया गया था।

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