मंदिर की घंटी और मस्जिद की अज़ान, दोनों ने जोड़ा हिन्दुस्तान

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। होली के महापर्व पर आज जाति, धर्म और मज़हब के सहारे सत्ता के भूखे भेड़िए इस मुल्क के अमन चैन को नोच नोचकर खा रहे हैं।

मोहम्मद रफी और लता जी के तरानों ने धर्म और मज़हब की दीवारों को तोड़कर रख दिया था, गंगा जमुनी की मिसाल देते लोगो की ज़ुबान थक जाया करती थी लेकिन वो दौर कुछ और था, ये दौर कुछ और है।

कोई फिल्म दिखा कर नफरत परोस रहा है , तो कोई सरकार न बदलने पर यूपी छोड़ने की धमकी दे रहा है। उक्त विचार कहते हुए कांग्रेस प्रवक्ता हसीब अहमद ने कहा ऐसी सियासत और सियासी सफर को मैं बीच रास्ते मे ही छोड़ना पसंद करूंगा जिस कारवाँ में हमारे अपने ना हों। “आपकी होली, दीवाली, दशहरा की खुशियों में हम बराबर से शरीक हैं, “हम कल भी थे और आज भी आपके करीब हैं”।

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