
अखिल भारतीय दण्डी संन्यासी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी ब्रह्माश्रम महराज ने नौ दिवसीय ब्रज परिक्रमा शिष्यों सहित शुरू की
( अनुराग शुक्ला )
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार ) । अखिल भारतीय दण्डी संन्यासी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पीठाधीश्वर स्वामी ब्रह्माश्रम महराज ने कहा कि ब्रज की चौरासी कोस परिक्रमा करने से सभी की मनोकामनाएं पूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने कहा था कि जो भी व्यक्ति ब्रज की चौरासी कोस परिक्रमा करेगा उसकी सभी समस्याएं खत्म होगी और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होगी।
क्योंकि यह ब्रज का क्षेत्र मेरी जन्म भूमि और कर्मभूमि है। यहा के कण-कण में, पत्तों, पक्षियों में, हवा और सभी चर और अचर वस्तुओं मे मै ही मै हू। ऐसे मे जो लोग ब्रज की परिक्रमा करते हुए मेरा , राधारानी, मेरे माता – पिता, सभी सगे संबंधियों, देवी – देवताओं और अन्य सभी का पूजन-अर्चन करते हुए भगवदभाव से मेरा स्मरण करते है उनके जन्म जन्मान्तर और उनके पूर्वजों के जन्म जन्मांतर को मोक्ष देते हुए आक्षय पूर्ण मिलता है।
यह बातें अखिल भारतीय दण्डी सन्यासी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी ब्रह्माश्रम महराज ने ब्रज की चौरासी कोस परिक्रमा करते हुए सोमवार को कहा। उन्होंने बताया कि ब्रज चौरासी कोस की परिक्रमा का समापन और पूर्णाहुति 28 मार्च को आश्रम में होगा। चौरासी कोस परिक्रमा मे उप्र, बिहार, राजस्थान, हरियाणा सहित अन्य प्रदेश के बडी संख्या में शिष्य शामिल हुए। वह लोग भगवद लीला स्थल को देखकर और उनके धार्मिक महत्व को सुनकर प्रसन्न हुए और सनातन धर्म की जय, भगवान श्रीकृष्ण – राधारानी की जय, जय यशोदा -नंद की, जय गोकुल की, जय ब्रजराज की के जयकारे लगाये।