राम मंदिर का निर्माण कार्य राम मंदिर का 30 प्रतिशत कार्य हुआ पूरा

अयोध्या( अनुराग दर्शन समाचार )। राम जन्मभूमि परसिर में रामलला के भव्य मंदिर को बनने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। मंदिर का काम लगभग 30 प्रतिशत पूरा हो चुका है। यहां पिं्लथ जमीन से साढ़े 6 मीटर ऊंची होगी। पिं्लथ के पत्थरों को मिर्जापुर के बलुआ पत्थरों से ऊंचा किया जा रहा है और इसके ऊपर ग्रेनाइट पत्थर लगाए जाएंगे।

 

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुसार मंदिर निर्माण में राम चबूतरा सात लेयर में बनेगा। इसकी ऊंचाई 21 फीट रहेगी। यानी एक लेयर 3 फीट की है। पहले लेयर का काम पूरा हो गया है। इसे और तेज करने की रणनीति बनाई गई है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि कार्य की प्रगति समय के अनुरूप चल रही है, राम चबूतरा यानी पिं्लथ के निर्माण में ग्रेनाइट स्टोन लग रहा है। वहीं, राजस्थान में भरतपुर स्थित बंशी पहाड़पुर से 17000 ग्रेनाइट स्टोन अयोध्या पहुंच चुके हैं। जिसमें पिं्लथ में ग्रेनाइट पत्थर लगाए जाएंगे। दूसरी लेयर का काम चल रहा है। रोज 80 से 100 पत्थर लगाए जा रहे हैं। बंशी पहाड़पुर के पत्थरों के बारें में कहा जाता है कि इसकी गुणवत्ता काफी अच्छी है। साथ ही यह लंबे समय तक चमकता रहता है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि 2023 में गर्भ गृह में रामलला को स्थापित कर श्रद्धालुओं को दर्शन कराने का लक्ष्य है।

मई और जून के बाद गर्भ गृह का बंशी पहाड़पुर के पत्थर से निर्माण शुरू होने की उम्मीद है। राम मंदिर की सुरक्षा हाईटेक होगी। उन्होंने बताया कि अयोध्या का राम मंदिर 161 फीट ऊंचा और 350 फीट लंबा होगा, जबकि उसकी चैड़ाई 255 फीट होगी। एक साथ एक लाख श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए प्रवेश दिया जा सकेगा। श्रद्धालुओं के विश्राम और प्राथमिक चिकित्सा सहित सभी मूलभूत सुविधाएं 108 एकड़ विशाल राम मंदिर परिसर में मौजूद रहेंगी। भक्तों को श्रीराम से जुड़े साहित्य और मूर्तियों के माध्यम से सम्पूर्ण रामायण देखने की सुविधा भी मिलेगी।

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