माहे रमज़ान के चाँद के दीदार के साथ मुक़द्दस महीने की हुई शुरुआत-मस्जिदों मे शुरु हो गई तरावीह

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )।माहे शाबान की उन्तिस को चाँद के दीदार के साथ इसलाम के सब से अहम तरीन व मुक़द्दस महीने रमज़ान उल मुबारक का आग़ाज़ हो गया।रविवार को पहला रोज़ा रख कर बारगाहे इलाही मे सजदा बजा लाने को लोग रात भर सहरी और इफ्तारी के सामानो की खरीदारी मे मशग़ूल रहे।वहीं मस्जिदों इबादतगाहों और कुछ खास जगहों पर शनिवार को तरावीह भी पढ़ी गई।आज से लोगों की दिन चर्या बदली बदली सी रहेगी।भोर मे सहरी और नमाज़े फजिर और तिलावते कलामे पाक और दिन भर इबादत मे मुबतेला रहने के बाद सूरज डूबने पर मग़रिब की नमाज़ के लिए जब मोअज़्ज़िन अज़ान कहते हुए अल्लाहो अकबर की सदा पुकारेंगे तब तमाम रोज़ादार एक सफ मे बैठ कर इफ्तारी करेंगे।यह सिलसिला लगातार माहे रमज़ान के तीस रोज़ों तक बदसूतूर जारी रहेगा।

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