
आपकी जात से किसी को न हो तकलीफ- शहर काजी
*आपकी जात से किसी को न हो तकलीफ- शहर काजी*
इस बाबत बात करते हुए शहर काजी व चौक स्थित जामा मस्जिद के इमाम मौलाना ने कहा कि ऐलान करते हैं कि रमजान शरीफ का चांद हो गया है। तरावीह पढ़े और रोजा रखे। उन्होंने यह भी कहा कि इस बात का खास ख्याल रखें कि सेहरी और इफ्तारी के वक्त आपकी जात से किसी को तकलीफ न हो। अल्लाह ताला से दुआ है कि हम सबको रमजान शरीफ के बरकात से मालामाल होने की तौफीक अता फरमाए और रमजान शरीफ के जो तकाजे हैं उसे पूरा करने की तौफीक अता फरमाए। पवित्र महीना रमजान का भाईचारा-एकता का प्रतीक है। यह सौभाग्य है कि नवरात्रि की शुरुआत भी साथ-साथ हुई है। अब यह सिलसिला 30 दिन जारी रहेगा। मस्जिदें आबाद रहेगी नमाज और तरावीह से। उन्होंने यह भी कहा कि हम मुस्लिम भाईयों को पैगाम देना चाहते हैं कि किसी तरह की उत्तेजना या ऐसी बात न होने पाए जिससे अगले के दिल को ठेस पहुंचे।
*फल से लेकर सामान के बढ़े हैं रेट*
उधर बाजार में इफ्तार और सेहरी के सामान खरीदने को लेकर भी भीड़ रही। लेकिन अधिकतर सामानो के रेट आसमान में थे। पिछले साल मिलने वाला रूहअफजा इस बार 30 से 35 रुपए अधिक रेट पर मार्केट में है। खजूर का दाम भी 15 से 20 रुपए बढ़ा है। सूद फेनी का रेट भी 40 रुपए बढ़ गया है। वही केला 60 रुपए दर्जन तो अनार 100 किलो और सेब 150 किलो मार्केट में बिक रहा है।
मिठाई व्यवसाई हाजी ने बताया कि इस बार कोरोना कॉल के बाद रमजानुल मुबारक की खुशियां दोबाला हुई हैं। बाजार में माहौल बेहतर नजर आ रहा है। नवरात्रि और रमजान एक साथ हो रहा है यह बहुत बड़ी खुशी की बात है। रेट बेपनाह सामानो के बढ़े हैं। इसकी वजह सरकार को जिस तरह कंट्रोल करना चाहिए नहीं कर पा रही है। बिल्कुल यकीन के साथ कह सकता हूं महंगाई बेतहाशा है। पिछले साल जो मेटेरियल इस्तेमाल करते थे घी, शकर, मायदा यह सब दो गुना और ढाई गुना हो गया है। अब इसे कोरोना कॉल की मार कह लीजिए या हम लोगो की बदकिस्मती कह लीजिए।