
(अनुराग शुक्ला )प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )।माहे मुक़द्दस रमज़ान के तीस दिन के रोज़ो को तीन हिस्सों मे तक़सीम कर पहले अशरे को रहमत का अशरा करार दिया गया जो अब दस रोज़ों के मुकम्मल होने पर खत्म हो गया।बुधवार (आज) से बरकत के अशरे की शुरुआत हो गई। अशरा ए बरकत के दस रोज़ो के बाद मग़फिरत के अशरे की शुरुआत होगी।ओलमाओं ने माहे रमज़ान के दस रोज़े मुकम्मल होने पर जहाँ बारगाहे खुदावन्दी मे शुक्र के सजदे करने और अपने गुनाहों से माफी की आम बन्दों से ताकीद की वहीं अशरा ए बरकत मे लोगों की भरपूर इमदाद करने और अपने मालो दौलत और हलाल रिज़्क़ मे बरकत अता करने की दूआ माँगने की हिदायत भी की।उम्मुल बनीन सोसाईटी के महासचिव सै०मो०अस्करी के मुताबिक़ करैली के वीआई पी कालोनी की जमीयतुल अब्बास इबादतगाह मे मौलाना कल्बे अब्बास रिज़वी ,मस्जिद खदीजा मे मौलाना सैय्यद रज़ी हैदर ,करैलाबाग़ मस्जिद मुसल्ला ए ज़ीशान मे मौलाना मो०ताहिर ,करेली लेबर चौराहा मस्जिद ए मोहम्मदी में मौलाना वसी हैदर ,मस्जिद क़ाज़ी साहब बख्शी बाज़ार में मौलाना जवादुल हैदर रिज़वी ,चक शिया जामा मस्जिद मे मौलाना हसन रज़ा ज़ैदी ,मस्जिद मौला अली दरियाबाद मे मौलाना अम्मार रिज़वी ,मस्जिद इमाम हुसैन में मौलाना सज्जाद हुसैन ,मस्जिद तहसीलदार मे मौलाना इन्तेज़ार आब्दी ,मस्जिद गदा हुसैन मे मौलाना जाबिर अब्बास ,क़दम रसूल मे मौलाना ज़रग़ाम हैदर ,इमामबाड़ा अरब अली खाँ की मस्जिद में मौलाना इरफान हैदर की क़यादत मे अशरा ए रहमत के खत्म होने और दस रोज़े मुकम्मल होने पर नमाज़ अदा करने के साथ सामुहिक रुप से सभी ने रोज़ा खोला और बारगाहे रब्बुल इज़्ज़त मे शुक्र का सजदा करते हुए सभी के लिए दूआ ए सेहत क़ूवत हलाल रिज़्क़ मे बरकत और बुराईयों से दूर रहकर सिदक़े दिल से देश के अवाम की खुशहाली व अमन चैन की दूआ की।