रहमत बरकत मग़फिरत तिलावत के साथ माहे रमज़ान के चौदाह रोज़े मुकम्मल

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। शनिवार को माहे रमज़ान के चौदह रोज़े मुकम्मल हो गए।रोज़ादारों ने बारगाहे इलाही मे सजदा अदा करने के साथ एक सफ मे बैठ कर रोज़ा खोला।क्या कोई ग़रीब और क्या कोई अमीर और मालदार सब की सब एक सफ मे नज़र आए ।दायरा शाह अजमल की मस्जिदे नूर मे मोअज़्ज़िन ने जब अल्लाहो अकबर की सदा बुलन्द करते हुए मग़रिब के वक़्त रोज़ा खत्म करने का तकबीर और सलात से आग़ाज़ किया तो बाक़र मेहदी द्वारा आयोजित रोज़ा इफ्तार के दस्तरख्वान पर बैठे रोज़ादारों ने खजूर से रोज़ा खोला और फुल्की पापड़ ब्रेड पकौड़ा चना मटर फलों के साथ ठण्डे शरबत से गला तर कर परवरदिगार का शुक्र अदा किया और रोज़ादारों को रोज़ा खुलवाने वाले बाक़र मेहदी व उनके अहले खाने के रिज़्क़ मे बरकत और उनके तौफीक़ात मे मज़ीद इज़ाफे को दूआ की।रविवार यानी आज से पन्द्रहवें रोज़े के खत्म होते ही माहे रमज़ान की उल्टी गिन्ती शुरु हो जायगी।सै०मो०अस्करी के अनुसार करैली ,दरियाबाद ,रानीमण्डी ,बैदन टोला ,बरनतला ,बख्शी बाज़ार ,अटाला ,रसूलपूर अकबरपूर ,दायरा शाह अजमल ,सब्ज़ीमण्डी ,बादशाही मण्डी ,हटिया ,बहादुरगंज ,कटरा ,राजापूर ,मिनहाजपूर ,चकिया ,अहमदगंज ,नैनी चकदोंदी ,चिकवन टोला सहित शहर व ग्रामीण इलाक़ो की मस्जिदों मे तरावीह के साथ रोज़ा इफ्तार का भी इन्तेज़ामिया कमेटी की ओर से इन्तेज़ाम किया गया।

आल इण्डिया जश्ने शब्बर आज

पैग़म्बरे इसलाम मोहम्मदे मुस्तफा (स०अ०व०)के बड़े नवासे और पहले इमाम हज़रत अली (अ०स०) के बड़े फरज़न्द हज़रत इमाम हसन ए मुज्तबा की योम ए विलादत (15 रमज़ान) दिनांक 17 अप्रैल रविवार को शहर भर मे धूम धाम से मनाई जायगी।उम्मुल बनीन सोसाइटी के महासचिव सै०मो०अस्करी के मुताबिक़ रविवार पन्द्रह रमज़ान को कशिश मीडिया ग्रुप द्वारा बख्शी बाज़ार ताराबाबू की गली स्थित इमामबाड़े पर इमाम हसन की यौमे विलादत के मौक़े पर रोज़ा इफ्तार का आयोजन किया गया।वहीं दरियाबाद स्थित इमामबाड़ा मोजिज़नुमा मे 17 अप्रैल रविवार को रात्रि 8:30 बजे से आफ्ताबे निज़ामत नजीब इलाहाबादी के संचालन मे आल इण्डिया जश्ने शब्बर का आयोजन अराकीन आन्जुमन खुद्दामे मोजिज़नुमा की ओर से होगा जिसमे देश भर के ख्यातिप्राप्त शायर जश्न की महफिल मे अपने अशआर प्रस्तुत करेंगे।वहीं सामाजिक क्षेत्र में और कोरोना काल मे लोगों की मदद करने वाले लगभग दो दर्जन लोगों को अन्जुमन खुद्दामे मोजिज़नुमा की ओर से मोमेन्टो व प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया जायगा।वहीं दरियाबाद की मस्जिद गदा हुसैन मे भी हज़रत इमाम हुसैन के विलादत बा सआदत के पुरमसर्रत मौक़े पर महफिल सजाई जायगी।शायर नायाब बलयावी की ओर से भी इमाम हसन की विलादत की शब मे जश्न की महफिल सजाई गई।मौलाना रज़ी हैदर मौलाना जवादुल हैदर ,शायर रौनक़ सफीपुरी ,डॉ क़मर आब्दी ,रुसतम साबरी ,जावेद रिज़वी करारवी ,हसनैन मुस्तफाबादी ,मौलाना आमिरुर रिज़वी आदि शायरों ने एक से बढ़ कर एक कलाम सुना कर वाह वाही लूटी मौलाना सै०रज़ी हैदर ,मौलाना जवादुल हैदर रिज़वी ,बाक़र नक़वी ,शादाब ज़मन ,ग़ुलाम अब्बास ,महमूद ज़ैदी,रिज़वान अली अख्तर समेत अन्य लोगों ने महफिल मे शिरकत की और शायरों के अशआर पर दाद दी।

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