
प्रयागराज। महंत बजरंगमुनि उदासीन ने बताया कि परम बलिदानी चंद्रशेखर आजाद जी के दाह स्थल के सौंदर्यीकरण व राष्ट्रीय स्मारक बनाने के लिए वह 9 वर्ष से निरंतर प्रयासरत है ।
पिछले 9 वर्ष के अंदर कम से कम 3 हजार पत्र विभिन्न्र मुख्यमंत्रियों व प्रधानमंत्रियों एवम राष्ट्रपतियों को भेजा ,वहाँ से कई बार जवाब आया परंतु उसका कोई सार्थक परिणाम नही मिला।।
प्रथम बार राष्ट्रपति जी के संज्ञान लेने पर ऐसा लग रहा की कार्यवाही हो रही है,महंत बजरंगमुनि उदासीन ने बहुत ही व्यथित हृदय से बताया कि सभी राजनीतिक पार्टियां आजाद जी के नाम की राजनीति करते है, परंतु उनका सम्मान नही, कई पार्टियां तो अपनी राजनीति करने के लिए उनकी करोड़ो रूपये लगा कर नई नई प्रतिमाएं लगा रहे है परंतु आजाद जी से जुड़े हुए स्थल को सुरक्षित नही कर रहे है, इससे ये स्पष्ट होता है कि उन्हें आजाद जी से कोई लगाव नही है, सिर्फ उनको अपनी राजनीति चलानी है।
महंत बजरंगमुनि उदासीन ने जी राष्ट्रपति जी का आभार प्रकट करते हुए कहा कि महामहिम जी ने हमारे पत्र का जवाब देने के साथ पत्र के माध्यम से अति शीघ्र कार्यवाही की करने की बात भी कही है। इसके लिए उनके आभारी हैं।