‘राज्‍य स्‍तरीय हिन्‍दू राष्‍ट्र अधिवेशन’ संपन्‍न

वर्ष 2025 तक भारत में हिन्‍दू राष्‍ट्र का संकल्‍प लेकर एकत्र हुए हिन्‍दुत्‍वनिष्‍ठ और अधिवक्‍ता !

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। वर्ष 1976 में भारत पर लादी गई धर्मनिरपेक्षता दूर हटाकर हिन्‍दुआें को समान संवैधानिक अधिकार मिले एवं वर्ष 2025 में भारत में धर्माधिष्‍ठित हिन्‍दू राष्‍ट्र की स्‍थापना हो’ ऐसा संकल्‍प लेकर रविवार को प्रयागराज के सिविल लाइन्‍स स्‍थित ‘हिन्‍दुस्‍थानी एकेडमी’ में हिन्‍दू जनजागृति समितिद्वारा ‘राज्‍यस्‍तरीय हिन्‍दू राष्‍ट्र अधिवेशन’ अधिवेशन’ संपन्‍न हुआ ! इस अधिवेशन में प्रयागराज, भदोही, प्रतापगढ के विविध हिन्‍दू संगठनों के हिन्‍दुत्‍वनिष्ठ, अधिवक्ता एवं उद्योगपति एवं समाजसेवी सम्‍मिलित हुए । शंखनाद, दीप प्रज्‍वलन तथा और वेदमंत्र से अधिवेशन का आरंभ हुआ । हिन्‍दू जनजागृति समिति के धर्मप्रचारक संत पूजनीय निलेश सिंगबाळ ने कहा कि आज हिन्‍दुबहुल भारत में हिन्‍दुआें के नववर्ष, रामनवमी और हनुमान जयंती के दिन आयोजित शोभायात्रा पर जिहादी हमले हो रहे हैं । हमले हुए अनेक स्‍थानों से हिन्‍दुआें का पलायन आरंभ हुआ है । वाराणसी के बनारस हिन्‍दू विश्‍वविद्यालय में दीवारों पर ‘कश्‍मीर तो झांकी है, पूरा भारत बाकी है’ ऐसे राष्ट्र विरोधी नारे लिखे जारहे हैं । लव जिहाद, लैंड जिहाद, धर्मांतरण, थूक जिहाद के भयंकर षड्‌यंत्र जारी हैं । हलाल सर्टिफिकेशन के माध्‍यम से भारत में इस्‍लामी अर्थव्‍यवस्‍था खडी कर हिन्‍दू समाज को बेरोजगार बनाने का षड्‌यंत्र किया जा रहा है । अंत में सभी का आवाहन करते हुए उन्‍होंने कहा कि इन सभी समस्‍याआें का समाधान केवल धर्माधिष्ठित हिन्‍दू राष्‍ट्र की स्‍थापना ही है । हिन्‍दू राष्‍ट्र की स्‍थापना केवल मत नहीं व्रत होना चाहिए । राष्‍ट्र अथवा धर्म पर संकट के समय धर्म के पक्ष में रहना, हम सभी का सामूहिक दायित्‍व है । वर्ष 2025 के उपरांत सत्त्वगुणी हिन्‍दुआें की ओर से भारत में हिन्‍दू राष्‍ट्र की स्‍थापना होगी । इसलिए सभी संगठनों ने एकजुट होकर कार्य करने की आवश्‍यकता है। इस अधिवेशन में सनातन एकता मिशन, माधोसिंह सेवा मंडल, राष्ट्रीय हिन्‍दू संगठन, सनातन हितकारीणी न्‍यास, भारत माता की जय, राष्ट्रीय सनातन वाहिनी, सनातन संस्‍था आदि संगठन एवं अधिवक्‍ता सहभागी हुए थे । अधिवेशन का समापन वंदे मातरम से हुआ । अधिवेशन स्‍थल पर राष्‍ट्र एवं धर्मशिक्षा, दिनचर्या, धर्माचरण संबंधी फ्‍लेक्‍स प्रदर्शनी लगायी गयी थी ।

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