संकल्प व समर्पण का दूसरा नाम है- वत्सला मिश्रा

प्रयागराज ( अनुराग दर्शन समाचार )। जनपद में करछना तहसील के ग्रामीण अंचल में प्रयागराज मिर्जापुर रोड पर मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर जाने पर बाएं हाँथ पर प्रदेश का उत्कृष्ट प्राथमिक विद्यालय मुंगरी द्वितीय स्थित है। करछना के इस प्राथमिक विद्यालय को औरों से अलग व खास बनाने के केंद्र में हैं यहां की प्रधानाध्यापिका श्रीमती वत्सला मिश्रा। इन्होंने अपने प्रयास से इस स्कूल में बच्चों की फुलवारी को चाहका दिया है ।कान्वेंट की तर्ज पर स्कूल में सुविधाएं बढ़ी तो बच्चों की संख्या 30 से बढ़कर 340 तक जा पहुंची । आज इस विद्यालय की स्थिति यह है कि अगर विद्यालय में कक्ष संख्या व संसाधन सीमित नहीं होते तो छात्रों की संख्या 700 के पार भी जा सकती है। कक्ष संख्या व अध्यापक सीमित होने के बावजूद बच्चों के प्रवेश को लेकर क्षेत्र की जनता व अभिभावकों का प्रधाना अध्यापिका के ऊपर प्रवेश को लेकर किसी प्रतिष्ठित कन्वेंट स्कूल की तरह भारी दबाव बना रहता है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से भूगोल व समाज शास्त्र विषय में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण प्रधानाअध्यापिका श्रीमती वत्सला मिश्रा प्रयागराज के एक संभ्रांत परिवार से ताल्लुक रखती हैं।अपने अध्ययन के दौरान सतत प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण श्रीमती वत्सला मिश्रा प्रयाग संगीत समिति से तबला वादन में प्रवीण की डिग्री न केवल प्रथम श्रेणी में प्राप्त किया अपितु स्वर्ण पदक विजेता भी रही हैं। वत्सला मिश्रा के पति प्रयागराज हाई कोर्ट में जहां एक प्रतिष्ठित अधिवक्ता माने जाते हैं , वहीं खुद वत्सला मिश्रा ने अपने लगन व मेहनत के दम पर शिक्षा के क्षेत्र में स्वयं को एक आदर्श अध्यापिका के रूप में स्थापित किया है।

अपने संमृद्धि सामाजिक संबंधों के दम पर बिना विभाग की मदद से श्रीमती वत्सला मिश्रा ने स्कूल में कंप्यूटर कक्ष स्थापित किया, तो दूसरी ओर साथ में पुस्तकालय भी खोला। वहीं सामाजिक सहयोग से प्रयोगशाला का सर्जन भी किया । अब तो स्थिति यह है , कि बच्चों को चमचमाते प्रोजेक्टर के माध्यम से भी पढ़ाया जाता है । साथ ही पूरी तरह से स्कूल को डिजिटल बना दिया गया है। वत्सला मिश्रा के शिक्षा के प्रति समर्पण व प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार व प्रयोगों को देखते हुए प्रदेश सरकार ने व प्राथमिक शिक्षा विभाग ने कई तरह के पुरस्कारों से समय-समय पर उन्हें नवाजा भी है ।अनेकों बार उत्कृष्ट शिक्षक के तौर पर जिला स्तर से पुरस्कार मिले हैं, तो कई बार क्षेत्र के व देश की बड़ी सामाजिक संस्थाओं ने समय-समय पर अपने पुरस्कारों से वत्सला मिश्रा को पुरस्कृत किया है । वत्सला मिश्रा की मेहनत का परिणाम है की मुंगारी द्वितीय प्राथमिक विद्यालय को उत्तर प्रदेश सरकार ने 2019 में प्रदेश का उत्कृष्ट विद्यालय घोषित किया । वत्सला मिश्रा ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति ,कड़ी लगन, समर्पण व बच्चों के बेहतर भविष्य हेतु साथ में कॉन्वेंट स्कूलों को कड़ी टक्कर देने के लिए अपने समृद्ध सामाजिक संबंधों के दम पर प्राथमिक विद्यालय मुंगारी द्वतीय को बेहतर शिक्षा के साथ-साथ प्रदेश का सबसे समृद्ध विद्यालय भी बना दिया है। जहां आज जनपद के बहुत सारे प्राथमिक विद्यालय में छात्रों का टोटा पड़ा हुआ है ,वहीं करछना के इस प्राथमिक स्कूल में छात्रों की भारी भीड़ देखी जा रही है। स्कूल में जहां एक और चमचमाते प्रोजेक्टर के माध्यम से बच्चों को पढ़ाया जाता है तो दूसरी ओर परंपरागत प्रार्थना व राष्ट्रगान प्रतिदिन तय समय पर लाउडस्पीकर के माध्यम से कराया जाता है। बच्चों के लिए स्कूल में लाइट, पंखा इनवर्टर ,उत्तम श्रेणी के फर्नीचर ,कुर्सी -मेज अलग-अलग कूड़ेदान ,वाटर कूलर ,वाटर प्यूरीफायर विशाल एल डी टी वी के साथ-साथ बच्चों का परिचय पत्र , टाई, बेल्ट ,सहायक अध्यापकों के लिए अच्छी कुर्सी मेज के साथ-साथ संपूर्ण स्कूल के हर कोने में सी सी टी वी कैमरा लगाया गया है । बच्चों को प्रेरणा देने के लिए व पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए संपूर्ण स्कूल में बहुत ही उत्तम श्रेणी का पेंटिंग व महापुरुषों के चित्र आदि बनाए गए हैं ।अलग-अलग स्वच्छ शौचालयों के साथ डिजिटल बोर्ड आदि जरूरी आधुनिक उपकरणों से विद्यालय को समृद्ध किया गया है । साथ ही इलाहाबाद कंस्ट्रक्शन वर्क से मदद लेकर स्कूल में बिजली की बहुत उत्तम श्रेणी की वायरिंग भी कराई गई है। संपूर्ण स्कूल में खाली जगह में जहां किचन गार्डन बनाया गया है । वहीं कुछ कंपनियों से बातचीत करके संपूर्ण स्कूल में गमलों के साथ-साथ आकर्षक पौधे भी लगाए गए हैं ,साथ ही इन पौधों की देखरेख व लंबे अवकाश के समय व बेहतर रखरखाव व बागवानी आदि के लिए अपने खुद के पैसे से वत्सला मिश्रा ने स्कूल में 1 सहायक भी नियुक्त किया है , जिसको कि इन्होंने अपने खुद के पैसे से एक मोटरसाइकिल के साथ-साथ मोबाइल व कार्ड आदि भी उपलब्ध कराया है। उक्त सहायक के सहयोग से वत्सला मिश्रा अपने बच्चों का भरपूर ख्याल रखती हैं । वत्सला मिश्रा अपने विद्यालय के बच्चों के प्रति इतनी समर्पित हैं कि यदि कोई बच्चा अगर 1 सप्ताह तक विद्यालय नहीं आता तो स्वयं उसके घर जाकर उसकी हाल-चाल लेती नजर आती है । वहीं अगर कोई बच्चा गरीबी के अभाव में या अन्य किसी कारणवश स्कूल आना छोड़ता है तो उसके घर जाकर या ग्राम प्रधान के माध्यम से उसकी शिक्षा को अनवरत जारी रखने का सफल प्रयास करती रहती है। वत्सला मिश्रा के शिक्षा के प्रति समर्पण को देखते हुए अनेक सामाजिक संस्थाएं व अनेक राष्ट्रीय स्तर के सामाजिक कार्यकर्ता वत्सला मिश्रा से बहुत प्रभावित होते रहे हैं और वत्सला मिश्रा के संपर्क में बराबर बने रहते हैं । देश व प्रदेश की अनेक प्रतिष्ठित कंपनियां वत्सला मिश्रा के शिक्षा के प्रति समर्पण को देखते हुए उन्हें अपने प्रशस्ति पत्र से समय-समय पर सम्मानित किया है व उनके स्कूल को यथा आवस्यकता समय-समय पर शिक्षा से संबंधित उपकरण भी देते रहे हैं। जिनमें मुख्य रुप से वाराणसी की प्रभा इन्फ्रा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड, प्रयागराज की इलाहाबाद कंट्रक्शन वर्क , लखनऊ की प्रीमियर रोलिंग प्राइवेट लिमटेड, प्रयागराज की सोनाटा फाइनेन्स, गाजियाबाद की सालासर टेक्नो इंजीनियरिंग लिमिटेड आदि प्रमुख हैं। वत्सला मिश्रा की अच्छी सोच, कड़ी लगन ,लगातार मेहनत का ही परिणाम है कि आज प्रयागराज जनपद का मूंगारी द्वतीय प्राथमिक विद्यालय उत्तर प्रदेश की एक मिसाल बन चुका है वहीं वत्सला मिश्रा अन्य अध्यापकों के लिए एक प्रेरणा।

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