
( अनुराग शुक्ला )
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। इलाहाबाद संग्रहालय में आज दिनांक 16 मई 2022 को पांच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय महोत्सव का शुभारंभ प्रोफेसर संगीता श्रीवास्तव, कुलपति इलाहाबाद केन्द्रीय विश्वविद्यालय ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।आजादी के अमृत महोत्सव के अन्तर्गत संग्रह 75 महत्वपूर्ण कलाकृतियों/पुरावस्तुओं पर लगी प्रदर्शनी का अवलोकन व अमर शहीद चन्द्रशेखर आजाद की पिस्तौल को नमन करते के पश्चात प्रोफेसर श्रीवास्तव ने ‘ चित्र कला के माध्यम से इतिहास ‘ शीर्षक से आयोजित पांच दिवसीय चित्र कला कार्यशाला का कैनवास पर तूलिका से शुभकामना संदेश लिखकर उद्घाटन किया। कार्यक्रम में पांच दिन पांच विशेष संग्रह को जो आज का आकर्षण शीर्षक से प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है जिसमें आजाद जी की पिस्तौल, मुंशी प्रेमचंद की डायरी,ढोलकची, बोधिसत्व मैत्रेय, एकमुखी शिव लिंग कामी प्रोफेसर श्रीवास्तव ने अवलोकन किया। निर्माणाधीन आजाद वीथिका को देखने के बाद उन्होंने इस सम्पूर्ण आयोजन व जनसाधारण को अतीत व धरोहर से रूबरू कराने व अपने इतिहास से परिचित कराने हेतु बधाई व शुभकामना दी। इस अवसर पर प्रोफेसर हर्ष कुमार, चीफ प्रॉक्टर, इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय, प्रोफेसर नागेंद्र कुमार शुक्ल, इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय, डॉ अविनाश कुमार श्रीवास्तव, चीफ प्रॉक्टर, प्रोफेसर राजेन्द्र सिंह ( रज्जु) भैया यूनिवर्सिटी, धनंजय चोपड़ा, मीडिया स्टडीज, देवेश गोस्वामी, सहायक कुलसचिव, इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय संग्रहालय के सभी अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। इसी क्रम में अपराह्न चार बजे ‘भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के विस्मृत नायक’ विषय पर डॉ आनंदवर्धन, दिल्ली का व्याख्यान आयोजित किया गया।आरंभ में संग्रहालय के वित्त एवं लेखाधिकारी श्री राघवेन्द्र सिंह स्वागत वक्तव्य में मुख्य वक्ता सहित सभी आगंतुकों का स्वागत करते हुए कहा कि देश की आजादी की बलि वेदी पर अपने प्राणों की आहुति देने भूले बिसरे नायकों को याद करने और नमन करने क अमृत महोत्सव व अंतराष्ट्रीय संग्रहालय महोत्सव हमें अवसर देता है।डॉ आनंदवर्धन ने सारगर्भित व विस्तृत व्याख्यान में 1730 से लेकर भारतीय स्वतंत्रता तक देश के अल्प ज्ञात व अज्ञात नायक नाटिकाओं पर बात रखी। उन्होंने बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश व दिल्ली के स्थानीय नायकों रामजी दास गुडवाला,शिवदरस मिश्र,छांगा राम,पं खड्ग धारी मिश्र,दिलावर, बैकुंठ शुक्ल, खान,मैगर राय ,नाना पेशवा, ज्वाला प्रसाद, नन्ही रानी, झलकारी बाई,के साथ ही जनजातीय आन्दोलन व किसान आंदोलन के बलिदान व योगदान को रेखांकित किया।इस अवसर पर डॉ आनंदवर्धन को संग्रहालय की तरफ से स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। संचालन डॉ राजेश मिश्र व धन्यवाद ज्ञापन डॉ संजू मिश्रा ने किया। सांस्कृतिक संध्या में सायं 6 बजे संग्रहालय के मुक्ताकाशी मंच पर डॉ सरोज ढींगरा के निर्देशन में स्वागतम कृष्णा व द्रौपदी चीरहरण नामक नृत्य नाटिका की प्रस्तुति की गई।इसके उपरांत सुश्री ऋतिका अवस्थी के निर्देश न में ‘ काकोरी और गांधी ‘ नाटक का मंचन हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आम जनमानस की उपस्थिति रही।