देश की पहचान धर्म एवं संस्कृति के लिए रही-अंबरीश जी

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। दुर्गा वाहिनी मातृशक्ति प्रशिक्षण वर्ग के चौथे दिन कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए केंद्रीय सह मंत्री अंबरीश ने कहा आज हमको भारत के गौरवशाली इतिहास को पढ़कर आने वाली पीढ़ी संस्कार युक्त रहे यह आवश्यक है इस देश की पहचान धर्म एवं संस्कृति के लिए रही है इस देश ने पूरी दुनिया को शिक्षा एवं चिकित्सा के क्षेत्र में आईना दिखाया है इस देश के इतिहास की तुलना दुनिया के किसी देश से नहीं की जा सकती सूर्य ग्रहण एवं चंद्र ग्रहण की जानकारी हजारों वर्ष पूर्व ही इस देश में थी दुनिया को खेती करना इस देश ने सिखाया, निर्माण एवं वास्तु का साक्ष्य मोहन जोदड़ो की खुदाई में मिले,जहां सिक्के भी मिले महाभारत से पहले पूरी दुनिया में हमारा ही विस्तार था आज पाकिस्तान बांग्लादेश, भूटान, श्रीलंका, हमसे अलग हो गए चीन की दीवार पर आज की ओम नमो भगवते वासुदेवाय लिखा है, परिवार टूट रहे हैं एवं संस्कार समाप्त हो रहे हैं परिवार को जोड़कर समाज में समरसता का भाव रखकर हिंदू समाज के समक्ष खड़ी चुनौतियों से लड़ा जा सकता है एवं पूरी दुनिया में हम श्रेष्ठ बन सकते हैं, प्रशिक्षण शिविर में प्रांत संगठन मंत्री मुकेश कुमार, मातृशक्ति प्रमुख कमला मिश्रा, प्रांत संयोजीका दिव्या, रीता सिंह, साक्षी मिश्रा, गौरी, तनु, राकेश द्विवेदी, निर्मल पांडे, राजमणि मिश्रा, बबलू मिश्रा, उमेश सिंह, विजय पांडे, लवलेश आदि व्यवस्था में लगे।

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