यूपी का बजट आँकड़ेबाज़ी का खेल जो जनता के साथ छलावा है

 

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। योगी 2 सरकार मे पहला बजट ही जनता को आँकड़ेबाज़ी के मकड़जाल मे फंसा कर जनता को छलावा देने के अलावा कुछ नहीं।सपा महानगर प्रवक्ता सै०मो०अस्करी ने कहा यूपी के इतिहास मे सबसे बड़ा बजट तो योगी सरकार ने पेश कर दिया लेकिन आँकड़ेबाज़ी के खेल करने से लोगों को लाभ मिले इस पर संशय है।जमीनी हकीकत से कोसों दूर है वर्तमान बजट।नौकरी और रोज़गार सिर्फ काग़ज़ी आँकड़ो मे है जनता बेरोजगारी के कारण सड़को पर है और जिनके पास रोज़गार है उनका रोज़गार पुलिस की तानाशाही से अस्तव्यस्त किया जा रहा है।व्यापारीयों का आए दिन पुलिस धौंस मे चालान और उनके सामानो को सीज़ कर तानाशाही की जा रही है।क़ानून और वर्दी की धौंस से व्यापारियों का शोषण प्रतिदिन हो रहा है।सौंदर्यीकरण के नाम पर सिविल लाइंस के दूकानदारों से ज़मीन तो ले ली गई।चिन्हिकरण के बाद बची जगहा पर अगर कोई दूकानदार अपना सामान या काऊंटर लगाता है तो उसे फुटपाथ बता कर सामान को ज़ब्त करने की धमकी देकर चालान काटा जा रहा है। उधर नगर महासचिव रवीन्द्र यादव रवि एडवोकेट ने बजट को निराशाजनक बताते हुए कहा समाज के ग़रीब वर्ग के लिए न तो सरकार कोई काम कर रही है और न ही बजट मे उसका ख्याल रखा गया।बजट ऐसा है जिसमे जो चाहे जितना लूट सके लूट ले।पढ़ाई स्कूलों मे पढ़ाई जाने वाली किताबें ड्रेस और मध्यान्ह भोजन तक की कोई सुचारु व्यवस्था के बारे मे भी नहीं सोचा गया।इस बजट से हर वर्ग के लोग निराश हुए नमामी गंगे मे जल जीवन मिवन को उन्नीस हज़ार पाँच सौ करोड़ की धनराशि की बात कही गई है लेकिन रामराज्य वाली सरकार मे गंगा मैली की मैली ही है।पैंतीस करोड़ पेड़ लगाने का लक्ष्य रखा गया है बजट मे लेकिन लगातार पेड़ कट रहे हैं उसकी देख भाल का कोई ख्याल नहीं इसमे भी बंदरबांट होगी।कुल मिला कर बजट मे जमकर होगी बंदरबांट।

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