बेहतरीन तरबीयत का जौहर है माँ- बाबर नदीम

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। कौशाम्बी के तयबापूर स्टेट के नाम विख्यात ज़मीदार के वारिसान हुसैन अब्बास व मोहम्मद अब्बास की ओर से माँ फिरोज़ा खातून के इसाले सवाब को करैली मे आयोजित मजलिस ए तरहीम मे ज़ाकिरे अहलेबैत बाबर नदीम ने माँ की अजमत और बच्चों से उलफत के साथ एक माँ का ज़िन्दगी मे क्या किरदार होता है इस का विस्तार से तज़केरा किया।बैतुस्सलात करैली मे आयोजित मजलिस ए तरहीम मे कहा माँ हयात ए इन्सानी के नुक़ता ए आग़ाज़ और आबरुए ज़िन्दगी के हरफे कमाल का नाम है।माँ वह खालिक़े मिजाज़ी है जिसके वजूद मे तखलीख का माददा भी है और तरबीयत का जौहर भी है।माँ वह मुसव्वर है जो अपने वजूद को खूने दिल मे डूबो कर एक मर्रक़्क़ा बनाती है जिसे मामता कहते हैं।मजलिस से पहले मंज़रुल हिन्दी ने सोज़ख्वानी के फराएज़ अन्जाम दिए।उम्मुल बनीन सोसाईटी के महासचिव सै०मो०अस्करी के अनुसार 29 मई रविवार को करैली के मुस्तफा गार्डेन मे प्रातः 10 बजे मरहूमा फिरोज़ा खातून की मजलिस ए चेहलुम होगा।अनीस जायसी के संचालन (निज़ामत)मे मंज़रुल हिन्दी की सोज़ख्वानी के साथ हैदर कोरालवी व अनवार अब्बास पेशख्वानी के फरायज़ अन्जाम देंगे।दिल्ली के ख्याती प्राप्त आलेमेदीन हुज्जतुल इसलाम मौलाना सैय्यद जाफर रिज़वी साहब क़िबला चौलस मजलिस को खिताब करेंगे।पुरुषों की मजलिस के बाद उसी स्थान पर महिलाओं की मजलिस को अलीगढ़ की ज़ाकिरा मोहतरमा ग़दीर ज़हरा साहिबा खेताब करेंगी।

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