
बंदी को की थी सफल बनाने की अपील
कानपुर ( अनुराग दर्शन समाचार )। पी एफ आई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) के गिरफ्तार तीन सदस्यों ने नई सड़क बवाल में भीड़ को एकत्र करने का काम किया था। लोगों को इस बात के लिए उकसाया था कि किसी भी सूरत में अपमान का बदला लेंगे। पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ है। पीएफआई के तीन सदस्यों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। सीएए-एनआरसी के विरोध में हुए विवाद में पुलिस ने लेबर कॉलोनी फहीमाबाद निवासी सैयद अब्दुल हई हाशमी,बादशाहीनाका के कुली बाजार निवासी फैजान मुमताज, बड़ा कुरियाना अनवरगंज निवासी मोहम्मद वासिफ और सरवर आलम को भी पीएफआई का सदस्य बताकर जेल भेजा था। यह चारों कहां हैं और इस घटना में इनका क्या रोल था इसकी भी जांच हो रही है। ज्वाइंट सीपी आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि जिन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है उन्हें पुलिस ने एफआईआर में भी नामजद किया है।। इन तीनों की भूमिका इस घटना में थी।
पुलिस अफसरों के मुताबिक पीएफआई के तीनों सदस्य सैफउल्लाह, मोहम्मद नसीम और मोहम्मद उमर काफी दिनों से सक्रिय थे। जब हयात जफर ने बंदी का एलान किया तो एक जून से यह तीनों और सक्रिय हो गए। ज्वाइंट सीपी के मुताबिक इन्होंने कई लोगों से संपर्क साधा और भारी संख्या में बंदी को सफल बनाने की अपील की थी।
पीएफआई के तीनों सदस्यों ने व्हाट्सएप के जरिए भी सैकड़ों लोगों को मैसेज भेजे थे। ज्वाइंट सीपी के मुताबिक इनके द्वारा इस्तेमाल किए गए पांच मोबाइल जब्त किए गए हैं। उनकी जांच भी कराई जा रही है।