Prayagraj violence Updates : नुपुर की खनक से दहला प्रयागराज, पथराव-आगजनी में आईजी समेत 18 पुलिसकर्मी जख्मी, पीएसी की गाड़ी सहित सात वाहन फूंके

Prayagraj violence Updates भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता नूपुर शर्मा के बयान को लेकर प्रयागराज में शुक्रवार को जमकर बवाल हुआ। जुमे की नमाज के बाद अटाला में जुटी हजारों की भीड़ ने जमकर उपद्रव किया। पुलिस पर पथराव के साथ ही बमबाजी व आगजनी की। पुलिस प्रशासन की दर्जनों गाड़ियों में तोड़फोड़ की, पीएसी की गाड़ी समेत आठ वाहन फूंक दिए।

हमले में आईजी समेत 18 पुलिसकर्मी जख्मी हो गए। पुलिस व आरएएफ ने लाठीचार्ज कर उपद्रवियों को खदेड़ना शुरू किया, तब जाकर तीन घंटे बाद बवाल शांत हुआ। देर शाम तक 15 उपद्रवियों को हिरासत में ले लिया गया था।

कानपुर में तीन जून को हुए बवाल के बाद ही पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी किया गया था। जिले में भी पुलिस प्रशासन की ओर से जुमे की नमाज को लेकर विशेष सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। इस दौरान शहर के अलग-अलग इलाकों में मस्जिदों के बाहर फोर्स तैनात की गई थी।

दोपहर में नमाज खत्म होने के बाद करीब 1.30 बजे मुस्तफा कॉम्पलेक्स के पास स्थित मस्जिद से निकले कुछ युवक अटाला में मजीदिया कॉलेज के सामने पहुंचे और भाजपा नेता नूपुर शर्मा के बयान के विरोध में नारेबाजी करने लगे। इस पर अटाला चौराहे पर मौजूद पुलिस फोर्स ने उन्हें समझाकर वापस भेज दिया।

करीब 15 मिनट बाद उसी स्थान पर दोबारा भीड़ जुटने लगी। इस बार नुरुल्लाह रोड के साथ ही अटाला मोहल्ले की गलियों से भी लोग निकलकर मौके पर जमा होने लगे। देखते ही देखते वहां हजारों की भीड़ जमा हो गई, जिस पर पुलिसकर्मियों के हाथ-पांव फूल गए। पुलिस ने उन्हें हटाना चाहा तो नारेबाजी तेज कर दी गई। पुलिसकर्मियों के हटाने पर लोग वापस जाने लगे, लेकिन इसी दौरान शौकतअली रोड से रोशनबाग की ओर जाने वाली गली के पास पहुंचकर भीड़ ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इसके बाद नुरुल्लाह रोड, मजीदिया कॉलेज वाली गली समेत चारों ओर से पुलिस पर पथराव होने लगा। चौतरफा पत्थरबाजी से वहां भगदड़ मच गई। इसके बाद तीन घंटे तक जबरदस्त उपद्रव हुआ।

पत्थर के साथ बरसाए बम
बवाल के दौरान भीड़ ने न सिर्फ पत्थर चलाए बल्कि पुलिस को निशाना बनाकर बमबाजी भी की। उपद्रवियों ने करीब एक दर्जन गाड़ियों में तोड़फोड़ करने के साथ ही आठ वाहन आग के हवाले कर दिए। इसमें एक पीएसी का वाहन भी शामिल है। हालात बेकाबू होते देख अफसरों ने लाठीचार्ज का आदेश दिया और इसके बाद उपद्रवियों को खदेड़ा गया। तब जाकर तीन घंटे बाद स्थिति नियंत्रित की जा सकी। पुलिस ने मौके से 13 उपद्रवियों को हिरासत में ले लिया। देर रात तक अलग-अलग इलाकों में छापेमारी की जाती रही।हालात नियंत्रण में हैं। मौके से 13 लोगों को हिरासत में लिया गया है। वीडियो फुटेज के सहारे अन्य हमलावरों की तलाश की जा रही है। कुछ जवान चोटिल हुए हैं, जिनका इलाज कराया जा रहा है। – संजय खत्री, डीएम

आईजी डॉ. राकेश सिंह, आरएएफ इंस्पेक्टर मनीष व एक अन्य सिपाही, एडीजी कार्यालय में तैनात आरक्षी विजय पाल व 13 अन्य पुलिसकर्मी।

बाल-बाल बचे एडीजी
अटाला में बवाल के दौरान पुलिस व प्रशासनिक वाहनों के साथ-साथ अफसरों के वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई। एडीजी जोन प्रयागराज प्रेमप्रकाश के वाहन पर भी पथराव किया गया, जिसमें वह बाल-बाल बच गए। हमलावरों ने घायल सुरक्षाकर्मियों को अस्पताल पहुंचाने के लिए बुलाई गई तीन एंबुलेंस में भी तोड़फोड़ की। गलियों में खड़े निजी वाहनों को भी निशाना बनाया। इस दौरान कुछ घरों पर भी पत्थरबाजी की गई जिसमें खिड़कियों पर लगे शीशे क्षतिग्रस्त हो गए।

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